टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग से जुड़ी फीस में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब उपभोक्ताओं और ज्वैलर्स को प्रति आर्टिकल हॉलमार्किंग के लिए 75 रुपये का शुल्क देना होगा। यह निर्णय गुणवत्ता और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है।
हॉलमार्किंग शुल्क में संशोधन के मायने
सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग एक अनिवार्य प्रक्रिया है। BIS के नए आदेश के अनुसार, पहले के मुकाबले शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। यह कदम हॉलमार्किंग केंद्रों के संचालन और गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हॉलमार्किंग की प्रक्रिया में अधिक सटीकता आएगी।
क्या कहते हैं नियम?
हॉलमार्किंग का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को सोने की शुद्धता का भरोसा दिलाना है। शुल्क में हुई यह मामूली वृद्धि बेहतर बुनियादी ढांचे और तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए आवश्यक है, ताकि हॉलमार्किंग की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके।
मुख्य बिंदु:
- सोने के प्रति आर्टिकल हॉलमार्किंग शुल्क अब 75 रुपये निर्धारित किया गया है।
- यह नियम देशभर के सभी BIS मान्यता प्राप्त हॉलमार्किंग केंद्रों पर लागू होगा।
- उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा हॉलमार्क वाले आभूषण ही खरीदें।
- इस बदलाव से हॉलमार्किंग केंद्रों की कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद है।
सरकार की ओर से लगातार सोने की शुद्धता को लेकर कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं ताकि ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके। हॉलमार्किंग शुल्क में यह बढ़ोतरी इसी दिशा में एक और कदम है।



















