मुंबई। टारगेट न्यूज नेटवर्क
(Major U-turn at Tata Sons! Chandrasekaran to remain Chairman until 2032.) टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को बोर्ड ने एक और पांच साल का कार्यकाल देने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उनका कार्यकाल अब 2032 तक जारी रह सकता है। बोर्ड ने टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भी फैसला किया है।
चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना था। इससे पहले 12 अगस्त 2026 को उन्होंने कहा था कि वे दोबारा नियुक्ति की पेशकश नहीं करेंगे। उस समय उन्होंने बताया था कि फरवरी में हुई बोर्ड बैठक के बाद उनकी पुनर्नियुक्ति पर सहमति नहीं बन सकी थी और एक बोर्ड सदस्य ने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया था।
अब 17 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन के लिए पांच साल के नए कार्यकाल को मंजूरी दी गई है। हालांकि, इस फैसले को अंतिम रूप देने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है।
नोएल टाटा से मतभेद के बीच बदला घटनाक्रम
चंद्रशेखरन के दोबारा चेयरमैन बनने का मुद्दा टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेदों के बीच चर्चा में रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, नोएल टाटा चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल के पक्ष में नहीं थे, जबकि ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की इस मुद्दे पर अलग राय सामने आई थी।
अगस्त में इस्तीफे की घोषणा करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा था कि ट्रस्ट्स ने उनके पांच साल के अगले कार्यकाल की सिफारिश की थी, लेकिन बोर्ड स्तर पर सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिल पाया। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने पर पद छोड़ने का फैसला किया था।
टाटा संस की लिस्टिंग पर भी बड़ा फैसला
बोर्ड ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल के साथ टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में भी कदम बढ़ाने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम RBI के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें टाटा संस को लिस्टिंग से छूट देने की उसकी मांग स्वीकार नहीं की गई।
2017 में संभाली थी कमान
एन. चंद्रशेखरन ने जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। इससे पहले वे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के प्रमुख रहे। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, बैटरी और डिजिटल कारोबार जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया।
अब नए कार्यकाल के साथ चंद्रशेखरन 2032 तक टाटा संस की कमान संभाल सकते हैं, हालांकि इसके लिए आगे की कॉरपोरेट मंजूरियां पूरी होना बाकी हैं।



















