टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में प्रस्तावित ट्रायम्फ आर्च (विजय द्वार) की योजना में बड़ा बदलाव करते हुए इसे एक सैन्य परिसर में बदलने का ऐलान किया है। इस नए ढांचे को न केवल एक स्मारक के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन और स्नाइपर की तैनाती के केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा।
आर्लिंगटन मेमोरियल ब्रिज के पास बनेगा सैन्य केंद्र
प्रस्तावित आर्च का निर्माण आर्लिंगटन मेमोरियल ब्रिज के निकट किया जाना है, जो ऐतिहासिक आर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के बेहद करीब है। ट्रंप प्रशासन की योजना के अनुसार, इस ढांचे के भीतर अत्याधुनिक निगरानी उपकरण, ड्रोन बेस और स्नाइपर यूनिट्स के लिए विशेष स्थान आरक्षित किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह स्थान राजधानी की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा।
दिग्गज सैनिकों और स्थानीय समूहों का विरोध
हालांकि, इस परियोजना को लेकर विवाद भी गहरा गया है। पूर्व सैनिकों और कई सामाजिक समूहों ने इस निर्माण के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह विशाल ढांचा न केवल आर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री की पवित्रता को प्रभावित करेगा, बल्कि ऐतिहासिक स्थलों के दृश्यों (साइटलाइन) में भी बाधा उत्पन्न करेगा।
पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधि ने कहा, यह स्मारक शांति और सम्मान का प्रतीक होना चाहिए था, न कि सैन्य हथियारों और ड्रोन तैनाती का अड्डा। हम इस निर्माण से ऐतिहासिक गरिमा के अपमान को लेकर चिंतित हैं।
एफएए (FAA) से मिली हरी झंडी
विवादों के बावजूद, फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इस निर्माण को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को खारिज कर दिया है। एफएए ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित आर्च की ऊंचाई और डिजाइन से हवाई यातायात या सुरक्षा मानकों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मुख्य बिंदु:
- ट्रायम्फ आर्च को अब एक सैन्य परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा।
- ड्रोन और स्नाइपर की तैनाती से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का दावा।
- आर्लिंगटन सेमेट्री के पास निर्माण को लेकर कानूनी चुनौतियां जारी।
- एफएए ने विमानन संबंधी सभी आपत्तियों को दरकिनार कर मंजूरी दी।



















