टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोपरि रखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब संवेदनशील इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने और संवेदनशील सूचनाओं को लीक होने से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ा बदलाव
हाल के दिनों में देखा गया है कि कई पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान अपनी वर्दी में रील बनाते या तस्वीरें खींचते हुए सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल पुलिस की छवि प्रभावित होती है, बल्कि संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा में भी सेंध लग सकती है। नए आदेश के तहत, किसी भी संवेदनशील क्षेत्र या ऑपरेशन के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों तक ही सीमित रहेगा।
अधिकारियों का रुख
सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की सामग्री साझा करना अनुशासनहीनता माना जाएगा। जो भी इस आदेश का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इन नियमों का करना होगा पालन
- संवेदनशील ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित।
- सोशल मीडिया पर ड्यूटी से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
- वर्दी में रील बनाने या सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर सख्त निगरानी।
- आदेश का उल्लंघन करने पर विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई।
प्रशासन ने सभी यूनिट प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को इस नए आदेश के बारे में सूचित करें और इसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करें। यह निर्णय पुलिस बल की गोपनीयता और कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए एक अनिवार्य कदम के रूप में देखा जा रहा है।



















