Home Railway पंजाब-हरियाणा-हिमाचल के 7 स्टेशनों का कायाकल्प, रेलवे का बड़ा अपग्रेड!

पंजाब-हरियाणा-हिमाचल के 7 स्टेशनों का कायाकल्प, रेलवे का बड़ा अपग्रेड!

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित 

(Transformation of 7 railway stations across Punjab, Haryana, and Himachal—a major upgrade by the Railways!) देशभर में रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प की रफ्तार तेज हो गई है। अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। योजना के तहत अब तक देशभर में 261 रेलवे स्टेशन पुनर्विकसित किए जा चुके हैं।

पंजाब के 4 स्टेशन हुए डेवलप

पंजाब में जालंधर कैंट, SAS नगर (मोहाली), श्री आनंदपुर साहिब और श्री मुक्तसर साहिब रेलवे स्टेशनों को योजना के तहत विकसित किया गया है।

वहीं हरियाणा में कालका और नरवाना स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। हिमाचल प्रदेश में अंब-अंदौरा स्टेशन को भी योजना के तहत विकसित किया गया है।

जम्मू-कश्मीर के 4 स्टेशनों पर भी काम

अमृत भारत स्टेशन योजना का दायरा जम्मू-कश्मीर तक भी पहुंचा है। यहां बडगाम, जम्मू तवी, शहीद कैप्टन तुषार महाजन और श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने का काम चल रहा है।

बडगाम स्टेशन पर पार्किंग, सर्कुलेटिंग एरिया और अप्रोच रोड का काम पूरा हो चुका है। यहां 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज, नए वेटिंग हॉल और एग्जीक्यूटिव लाउंज समेत कई सुविधाओं पर काम किया जा रहा है।

जम्मू तवी स्टेशन पर भी बड़ा बदलाव

जम्मू तवी स्टेशन पर दूसरी एंट्री के लिए नया स्टेशन भवन, पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया गया है। नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेल्टर, इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन और एंट्रेंस रैंप जैसे काम भी पूरे किए गए हैं।

शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन पर स्टेशन भवन, पार्किंग, अप्रोच रोड, शौचालय, वेटिंग रूम, एंट्रेंस पोर्च और साइनज से जुड़े काम पूरे हो चुके हैं। वहीं श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन अभी मास्टर प्लानिंग के चरण में है।

देशभर के 1,340 स्टेशन होंगे आधुनिक

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1,340 रेलवे स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें आधुनिक स्टेशन भवन, बेहतर वेटिंग हॉल, फुट ओवरब्रिज, एयर कॉनकोर्स, पार्किंग, दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं, आधुनिक साइनज और यात्री सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

₹1,570 करोड़ की लागत से 75 स्टेशन पुनर्विकसित

रेलवे के मुताबिक, हालिया चरण में 75 रेलवे स्टेशनों को करीब 1,570 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। योजना का उद्देश्य सिर्फ स्टेशन की साज-सज्जा नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर यात्री सुविधाओं और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी वाले आधुनिक केंद्रों में बदलना है।

रेल मंत्रालय ने यह योजना दिसंबर 2022 में शुरू की थी। रेलवे के अनुसार, अब तक 261 स्टेशन पुनर्विकसित किए जा चुके हैं और बाकी स्टेशनों पर काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।

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