लुधियाना। राजवीर दीक्षित
(EC holding up registration of Amritpal’s party; protest in Delhi threatened) अमृतपाल सिंह से जुड़ी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण को लेकर विवाद तेज हो गया है। पार्टी नेता और दाखा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने चुनाव आयोग पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में देरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं, फिर भी आवेदन लंबित है।
अयाली ने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर अदालत का रुख कर चुकी है और जरूरत पड़ने पर आगे सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा और जरूरत पड़ी तो दिल्ली में धरना दिया जाएगा।
EC के सामने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
यह मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। हालिया सुनवाई में चुनाव आयोग की ओर से पार्टी के पंजीकरण को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कुछ आशंकाओं का हवाला दिए जाने की जानकारी सामने आई है। आयोग ने कहा है कि आवेदन पर विचार चल रहा है।
वहीं, अयाली ने इन आपत्तियों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की गतिविधियां संविधान के दायरे में हैं और रजिस्ट्रेशन में देरी को लेकर पार्टी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। ये अयाली और पार्टी पक्ष के दावे हैं; राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी आपत्तियों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है।
जनवरी 2025 से अटका है आवेदन
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने जनवरी 2025 में राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। अगस्त 2026 तक भी उसे चुनाव आयोग से औपचारिक रजिस्ट्रेशन और चुनाव चिह्न नहीं मिला था। पार्टी के अनुसार, उसने आयोग के सवालों के जवाब और अतिरिक्त दस्तावेज भी उपलब्ध करवाए हैं।
पार्टी ने जून 2026 में इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पार्टी की ओर से अदालत में जल्द निर्णय की मांग रखी गई थी, ताकि आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव चिह्न हासिल करने की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
पार्टी के साथ 2 सांसद और एक विधायक
वर्तमान में इस संगठन से जुड़े दो लोकसभा सांसद अमृतपाल सिंह और सरबजीत सिंह खालसा 2024 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत चुके हैं। वहीं दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली भी जून 2026 में वारिस पंजाब दे के साथ औपचारिक रूप से जुड़ गए थे।
रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो क्या होगा?
अयाली ने कहा है कि यदि पार्टी को औपचारिक रजिस्ट्रेशन नहीं मिलता, तो उनके उम्मीदवार निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़ने का विकल्प रखेंगे। फिलहाल पार्टी का चुनाव आयोग से पंजीकरण और चुनाव चिह्न का मामला कानूनी प्रक्रिया में है।
अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 से हिरासत में हैं। उनकी NSA हिरासत समाप्त होने के बाद उन्हें अजनाला हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह डिब्रूगढ़ जेल में हैं।
अब नजर दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यवाही और चुनाव आयोग के अगले कदम पर है।
















