टारगेट न्यूज़: पंजाब के जालंधर जिले की उभरती हुई और प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी इनायत गुलाटी ने जयपुर में आयोजित ऑल-इंडिया सब-जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-15 गर्ल्स सिंगल्स का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। इनायत ने इस टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन खेल भावना और जुझारू तेवर दिखाते हुए एक बड़ा उलटफेर किया और फाइनल मुकाबले में शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही इनायत ने राज्य और अपने जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया है, जिससे खेल प्रेमियों और उनके परिवार में जश्न का माहौल है।
मुख्य बिंदु एवं हाइलाइट्स (Key Highlights)
- जालंधर की शटलर इनायत गुलाटी ने जयपुर में आयोजित ऑल-इंडिया सब-जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट में अंडर-15 गर्ल्स सिंगल्स का खिताब जीता।
- फाइनल मुकाबले में इनायत ने शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी एलेक्सिया एल्सा अलेक्जेंडर को 6-15, 15-3, 15-10 से हराया।
- सेमीफाइनल में उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त आर्यामा चक्रवर्ती को 20-21, 15-11, 15-11 से मात दी।
- इनायत यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली जालंधर की पहली और पंजाब की दूसरी खिलाड़ी बन गई हैं।
- वह वर्तमान में जालंधर के रात्ती बैडमिंटन अकादमी में पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों सचिन रात्ती और गगन रात्ती के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।
विस्तृत समाचार एवं पूरा घटनाक्रम (Detailed Report)
जयपुर में खेले गए इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में इनायत गुलाटी का सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी एलेक्सिया एल्सा अलेक्जेंडर से था। पहला गेम हारने के बावजूद इनायत ने मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया और शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम आसानी से 15-3 से अपने नाम किया। इसके बाद निर्णायक तीसरे और अंतिम सेट में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और 15-10 से मुकाबला जीतकर चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबले में भी इनायत को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था, जहाँ उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त आर्यामा चक्रवर्ती को कड़े संघर्ष के बाद 20-21, 15-11, 15-11 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। इस प्रकार उन्होंने एक ही टूर्नामेंट में शीर्ष दोनों सीड खिलाड़ियों को हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी।
मूल रूप से फगवाड़ा की रहने वाली इनायत जालंधर के दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा हैं और खेल जगत में वह जालंधर का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस शानदार उपलब्धि के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है, क्योंकि वह जालंधर से इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खिताब को जीतने वाली पहली लड़की और पंजाब राज्य से तन्वी शर्मा के बाद दूसरी खिलाड़ी बन गई हैं। उनके इस प्रदर्शन से राज्य के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव रितिन खन्ना ने उनकी इस सफलता की सराहना करते हुए घोषणा की है कि जालंधर जिला बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा स्वदेश लौटने पर इनायत गुलाटी को 21,000 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
इनायत की यह सफलता रात्ती बैडमिंटन अकादमी में उनकी कड़ी मेहनत और उनके प्रशिक्षकों सचिन रात्ती और गगन रात्ती के मार्गदर्शन का परिणाम है। इस साल का सफर उनके लिए बेहद शानदार रहा है। वर्ष 2025 में उन्होंने जालंधर जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप में छह स्वर्ण पदक जीते, जिसमें अंडर-19 गर्ल्स सिंगल्स का खिताब भी शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने इस साल की शुरुआत में बेंगलुरु में आयोजित ऑल-इंडिया सब-जूनियर रैंकिंग टूर्नामेंट के अंडर-15 मिक्स्ड डबल्स में रजत पदक जीतकर सब-जूनियर भारतीय बैडमिंटन टीम में अपनी जगह पक्की की थी। इसके बाद उन्होंने इसी साल सितंबर में चीन के चेंगदू में आयोजित एशिया सब-जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। अगस्त के महीने में उन्होंने पंजाब स्टेट सीनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट में भी विमेंस सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया था।
पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव रितिन खन्ना ने कहा, इनायत गुलाटी की यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने जिस प्रकार बड़े खिलाड़ियों को मात दी है, वह उनकी असाधारण प्रतिभा और अटूट मेहनत को दर्शाता है।
भविष्य का असर एवं निष्कर्ष (Future Impact & Conclusion)
इनायत गुलाटी की यह खिताबी जीत न केवल उनके व्यक्तिगत करियर में एक मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि यह पंजाब और देश के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी बड़े स्तर पर सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। जिस कम उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और राष्ट्रीय स्तर पर अपना वर्चस्व स्थापित किया है, उससे यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले समय में वह भारतीय बैडमिंटन की एक मजबूत स्तंभ बन सकती हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें इसी प्रकार लगातार उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलती रहीं, तो वह भविष्य में ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर देश के लिए कई पदक जीत सकती हैं। उनकी यह सफलता राज्य में बैडमिंटन के खेल के उज्ज्वल भविष्य की गवाही देती है।


















