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दिलजीत दोसांझ के पैतृक गांव में खालिस्तानी नारे लिखने के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

दिलजीत दोसांझ के पैतृक गांव में खालिस्तानी नारे लिखने के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

टारगेट न्यूज़ ग्राउंड रिपोर्ट: पंजाब के जालंधर जिले के फिल्लौर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के पैतृक गांव दोसांझ कलां में दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने की गंभीर घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह घटना ऐसे समय में हुई जब गायक का बहुप्रतीक्षित ‘ऑरा इंडिया टूर’ और उनके विदेशी संगीत कार्यक्रमों को लेकर माहौल गर्म था। इस सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

ग्राउंड से मुख्य जानकारी (Key Takeaways)

  • फिल्लौर पुलिस ने मोगा जिले के रहने वाले लवप्रीत सिंह, प्रीतपाल सिंह और शगनदीप सिंह नामक तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।
  • आरोपियों ने सात अक्टूबर को दोसांझ कलां गांव में एक दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे और गायक का नाम स्प्रे-पेंट से लिखा था।
  • शुरुआत में यह कयास लगाए जा रहे थे कि यह घर दिलजीत दोसांझ का है, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह उनके एक पड़ोसी का मकान था।
  • पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें आगे की गहन पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
  • प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा गायक के खिलाफ पूर्व में जारी बयानों और धमकियों के बाद यह घटना काफी संवेदनशील मानी जा रही है।

घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा (Chronological Event Breakdown)

घटना की शुरुआत सात अक्टूबर की रात को हुई जब अज्ञात व्यक्तियों ने दोसांझ कलां गांव में एक रिहायशी मकान की बाहरी दीवार पर स्प्रे पेंट की मदद से भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक नारे लिख दिए। दीवार पर दिलजीत दोसांझ का नाम भी लिखा गया था, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि यह संपत्ति गायक की ही है। हालांकि, सच्चाई इसके विपरीत थी। जिस मकान को निशाना बनाया गया, वह असल में स्थानीय मजदूर मुख्तियार का था, जो दिलजीत दोसांझ के घर के पास ही रहते हैं।

घटना की रात मुख्तियार को स्प्रे पेंट की तेज गंध के कारण नींद से जागना पड़ा। जब उन्होंने बाहर आकर देखा, तो कुछ लोगों को अपने चेहरे ढंके हुए पाया। उन्होंने तुरंत उन संदिग्धों को डांटा और ललकारा, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। जब मुख्तियार ने सुबह दीवार का मुआयना किया, तो पाया कि वहां खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखे हुए थे और नीचे गायक का नाम भी दर्ज था। उनका मानना था कि आरोपियों ने भ्रमवश उनके घर को गायक का घर समझकर यह हरकत की, क्योंकि दिलजीत दोसांझ का असल आवास उसी सड़क पर थोड़ा आगे स्थित है। एक दिहाड़ी मजदूर होने के नाते मुख्तियार को अपनी दीवार की मरम्मत और रंगाई-पुताई में पांच से सात हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

प्रशासनिक व स्थानीय प्रतिक्रिया (Official Action & Public Reaction)

इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। फिल्लौर के डीएसपी भरत मसीह ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाकर मोगा जिले के रहने वाले तीनों आरोपियों—लवप्रीत सिंह, प्रीतपाल सिंह और शगनदीप सिंह—को 15 अक्टूबर को दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कृत्य के पीछे उनका असली मकसद क्या था और क्या वे किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा हैं।

मकान मालिक मुख्तियार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। वे लोग गलतफहमी में मेरे घर की दीवार पर कुछ लिखकर चले गए, जिससे मुझे आर्थिक नुकसान हुआ है। हम शांतिपूर्ण जीवन चाहते हैं और इस तरह की हरकतों से गांव का माहौल खराब होता है।

इस पूरे प्रकरण के पीछे प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित संलिप्तता और बयानों की भी चर्चा हो रही है। अक्टूबर 2025 में पन्नू ने एक वीडियो जारी कर दिलजीत दोसांझ पर निशाना साधा था और उनके कार्यक्रमों को बाधित करने की धमकी दी थी। इसके बावजूद, दिलजीत दोसांझ ने हमेशा अपने संगीत के माध्यम से प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश देने का प्रयास किया है और वे अपने कलात्मक कार्यों में व्यस्त रहे हैं।

आगे क्या? (What Lies Ahead)

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इन युवकों को किसी ने फंडिंग की थी या वे किसी बाहरी निर्देश पर इस प्रकार की हरकतों को अंजाम दे रहे थे। पंजाब पुलिस राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस आरोपियों की कस्टडी बढ़ाने और सबूत जुटाने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस घटना के बाद दोसांझ कलां गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

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