टारगेट न्यूज़ धर्म-अध्यात्म: 2026-10-17 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान सूर्य देव एवं माँ दुर्गा की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।
🙏 आज के पूज्य देव: भगवान सूर्य देव एवं माँ दुर्गा
आज का दिन आध्यात्मिक साधना, आत्मिक शुद्धि और कर्मठता का प्रतीक है। सूर्योपासना से जहां ओज, तेज और आरोग्यता की प्राप्ति होती है, वहीं मातृशक्ति की आराधना जीवन में संतुलन और शक्ति प्रदान करती है। अपने दैनिक कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए भगवद्स्मरण करना ही मानव जीवन का परम लक्ष्य है।
🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):
प्रातःकाल ब्रह्म बेला में स्नान कर सूर्य and लाल वस्त्र धारण करें। ताम्बे के लोटे में जल, लाल चन्दन, अक्षत और लाल पुष्प लेकर ‘ॐ घृणिः सूर्याय नमः’ मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य भगवान को अर्घ्य दें। इसके पश्चात माँ दुर्गा के समक्ष घी का दीपक जलाकर कुमकुम, पुष्प और षोडशोपचार से विधिपूर्वक पूजा करें।
📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):
प्राचीनकाल में आश्विन मास के इन पवित्र दिनों में देवताओं ने असुरों के अत्याचार से मुक्ति पाने के लिए आदिशक्ति माँ दुर्गा की कठोर तपस्या की थी। माँ भगवती उनकी भक्ति से प्रसन्न हुईं और उन्होंने सिंह पर सवार होकर महिषासुर समेत समस्त दुष्टों का संहार किया। इस व्रत और कथा के श्रवण से साधक के जीवन के समस्त संकट दूर होते हैं और आरोग्य, ऐश्वर्य तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।

















