Home International भारत पहुंचे रुबियो! ट्रेड डील पर नजर, रूसी तेल भी एजेंडे में

भारत पहुंचे रुबियो! ट्रेड डील पर नजर, रूसी तेल भी एजेंडे में

मुंबई। टारगेट न्यूज नेटवर्क 

(Rubio arrives in India! Focus on trade deal; Russian oil also on the agenda) भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते, ऊर्जा सहयोग, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों में साझेदारी को आगे बढ़ाना है।

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद भारत में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया पर उनका स्वागत किया। रुबियो के साथ कारोबार जगत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आया है। ऐसे में इस दौरे को भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

जयशंकर से मुलाकात, ट्रेड डील पर मंथन

रुबियो मंगलवार दोपहर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और उभरती तकनीकों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस यात्रा में द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों और पश्चिम एशिया के हालात पर भी विचार-विमर्श हो सकता है।

रुबियो मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए ताज स्मारक पर पुष्पांजलि भी अर्पित करेंगे। इसके अलावा वह अमेरिका की स्वतंत्रता के 250वें वर्ष के अवसर पर आयोजित एक स्वागत समारोह में शामिल होंगे।

ट्रेड डील पर रुबियो का बड़ा संकेत

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर रुबियो ने उज्बेकिस्तान में कहा था कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूसी तेल की खरीद से जुड़े अमेरिकी टैरिफ छूट के फैसलों में व्यापार वार्ता को ध्यान में रखा जा सकता है।

भारत और अमेरिका 2025 की शुरुआत से प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य टैरिफ संबंधी विवादों को कम करना, गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करना और दोनों देशों के कारोबारियों के लिए बाजार तक पहुंच बेहतर बनाना है।

भारत अपने उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ की मांग कर रहा है। विदेश मंत्री जयशंकर भी हाल में संकेत दे चुके हैं कि व्यापार वार्ता निर्णायक चरण के करीब पहुंच रही है।

रूसी तेल और टैरिफ पर भी नजर

अमेरिका की ओर से रूसी तेल खरीदने वाले देशों को दी गई कुछ प्रतिबंध-संबंधी छूट और व्यापार समझौते के बीच संभावित संबंध इस दौरे को और महत्वपूर्ण बनाते हैं। हालांकि, इन मुद्दों पर अंतिम निर्णय और समझौते की शर्तें अभी स्पष्ट नहीं हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों में पिछले साल अमेरिकी टैरिफ, भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव को कम कराने में अपनी भूमिका को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों और भारतीय अधिकारियों की प्रतिक्रियाओं के बाद खटास आई थी। H-1B वीजा शुल्क में बढ़ोतरी और ग्रीन कार्ड प्रक्रिया से जुड़े फैसलों ने भी तनाव बढ़ाया।

बुधवार को जामनगर जाएंगे रुबियो

तीन दिवसीय यात्रा के दौरान रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर जाएंगे। इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक मतभेद कम करने और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की उम्मीद की जा रही है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या रुबियो की यात्रा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की दिशा में ठोस प्रगति करा पाएगी और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर दोनों देश किसी साझा सहमति तक पहुंचेंगे।

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