मोहाली। राजवीर दीक्षित
(Akali Leader troubles mount! Women’s Commission summons him for October 23) पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता सिकंदर सिंह मलूका की महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पंजाब राज्य महिला आयोग ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उन्हें 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए तलब किया है। आयोग ने मामले में कार्रवाई के लिए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव को भी पत्र लिखा है।
आयोग ने मामले की जांच एसपी रैंक के अधिकारी से करवाकर 23 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
वायरल वीडियो पर आयोग सख्त
महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मलूका एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए दिखाई दे रहे हैं। आयोग का मानना है कि उनकी कथित टिप्पणी महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली है।
राज लाली गिल ने कहा कि वीडियो में मलूका ही टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं, इसलिए आयोग ने उन्हें तलब किया है। उन्होंने मलूका से महिलाओं से माफी मांगने की अपील भी की। आयोग ने चेतावनी दी कि निर्धारित तारीख पर पेश नहीं होने की स्थिति में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
मावां-धीयां योजना पर सवाल के जवाब में हुआ विवाद
विवाद उस समय शुरू हुआ, जब एक पत्रकार ने मलूका से पंजाब की मावां-धीयां योजना के तहत महिलाओं के खातों में 1,000 रुपये देने और बस किराया माफ करने से जुड़े मुद्दे पर सवाल पूछा। इसी बातचीत के दौरान मलूका की कथित टिप्पणी का वीडियो वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने भी टिप्पणी की निंदा की। इसके बाद पंजाब राज्य महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस से जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की।
अब 23 अक्टूबर को मलूका की पेशी और पुलिस जांच की रिपोर्ट पर नजर रहेगी। फिलहाल, आयोग की कार्रवाई और जांच के नतीजे सामने आने बाकी हैं।














