मोहाली। राजवीर दीक्षित
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), मोहाली ने शुक्रवार को ‘युवा संगम’ के सातवें चरण के तहत गुजरात से आए 47 विद्यार्थी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
विद्यार्थियों का स्वागत पारंपरिक पंजाबी अंदाज में ढोल की थाप और भांगड़ा प्रस्तुतियों के साथ किया गया। इससे गुजरात से आए विद्यार्थियों को पंजाब की समृद्ध संस्कृति और मेहमाननवाजी की झलक मिली।
IISER मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल के. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आदान-प्रदान कार्यक्रम युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, परंपराओं और विचारों को समझने का अवसर देते हैं। इससे आपसी संवाद और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के नॉर्थ रीजन साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्लस्टर की सलाहकार डॉ. जतिंदर कौर अरोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता ओजस्वी शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे।
डॉ. अरोड़ा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं, ओजस्वी शर्मा ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और कहानी कहने की कला के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं, इतिहास और जनजीवन को करीब से जानने से देश की विविधता को समझने का अवसर मिलता है।
सप्ताहभर के प्रवास के दौरान विद्यार्थी चंडीगढ़, पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और श्री आनंदपुर साहिब का दौरा करेंगे। कार्यक्रम में शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक केंद्रों का भ्रमण भी शामिल है।
‘युवा संगम’ के तहत विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की परंपराओं, उपलब्धियों और आकांक्षाओं से परिचित कराया जाता है। इसका उद्देश्य अंतरराज्यीय समझ बढ़ाना और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करना है।


















