ऊना। राजवीर दीक्षित
(Major success for Una Police: Rs 10.10 lakh recovered in cyber fraud case returned) साइबर ठगी के मामले में जिला पुलिस ऊना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को करीब 10.10 लाख रुपये वापस दिलाए हैं। शिकायतकर्ता के साथ जून 2026 में 10,46,219 रुपये की साइबर धोखाधड़ी हुई थी। इसके बाद साइबर सेल ने संबंधित बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर ठगी की रकम में से बड़ी राशि होल्ड करवाई और उसे वापस दिलाने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलते ही मामले पर कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। समयबद्ध प्रयासों के चलते करीब 10,10,000 रुपये की राशि सुरक्षित कर शिकायतकर्ता को लौटाई गई। इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी आर्थिक राहत मिली।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के झांसे में न आएं
जिला पुलिस ऊना ने लोगों को चेताया है कि पुलिस, सीबीआई, ईडी या आयकर विभाग जैसी सरकारी एजेंसियां फोन अथवा वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करतीं। ऐसी कॉल आने पर तुरंत फोन काट दें और किसी के साथ व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी दबाव या लालच में आकर पैसे ट्रांसफर करने से बचें।
ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को होल्ड करवाने और वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है। पुलिस ने लोगों से स्वयं सतर्क रहने और परिवार व परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया है।


















