Home Punjab श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर फूलों और रोशनी से...

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर फूलों और रोशनी से सजा अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर फूलों और रोशनी से सजा अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

टारगेट न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट: सिख धर्म के चौथे गुरु और अमृतसर शहर के संस्थापक श्री गुरु रामदास जी के पावन प्रकाश पर्व को लेकर पूरे शहर में उत्साह और उत्सव का माहौल है। ऐतिहासिक नगरी अमृतसर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। इस वर्ष प्रकाश पर्व का यह उत्सव केवल स्वर्ण मंदिर परिसर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, परिवहन केंद्रों और ऐतिहासिक इमारतों को भी भव्य रूप से सजाया गया है। इसी कड़ी में श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को देशी-विदेशी फूलों की मनमोहक सुगंध और भव्य सजावट से सराबोर कर दिया गया है, जो यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं का विशेष तरीके से स्वागत कर रहा है।

घटना की गहराई और प्रमुख पहलू (Deep Breakdown)

  • लगभग 100 सेवादार स्वयंसेवकों की एक समर्पित टीम इस भव्य पुष्प सज्जा के कार्य में जुटी हुई है।
  • यह टीम निष्काम जत्था से जुड़ी है, जो प्रतिदिन अकाल तख्त साहिब से स्वर्ण मंदिर तक साहिब की पालकी उठाने की सेवा करता है।
  • हवाई अड्डे के आगमन और प्रस्थान क्षेत्रों, प्रवेश द्वारों और आव्रजन काउंटरों पर आकर्षक फूलों की सजावट की गई है।
  • सजावट में एंथोरियम, अफ्रीकी फूल, गेंदा और डेज़ी सहित 25 से 30 विभिन्न प्रकार के देशी और विदेशी फूलों का उपयोग किया गया है।
  • पुष्प सज्जा के साथ-साथ गुरु रामदास जी के सुंदर चित्र और स्वर्ण मंदिर के लघु मॉडल को भी कलात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया है।

पृष्ठभूमि और बड़ा परिदृश्य (Background & Context)

अमृतसर के इतिहास में श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व का विशेष और आध्यात्मिक महत्व है क्योंकि इस शहर की स्थापना स्वयं गुरु जी ने की थी। हर साल इस पावन अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचते हैं। इस बार प्रकाश पर्व को और अधिक भव्य बनाने के लिए रेलवे स्टेशन, मुख्य बस स्टैंड और शहर के प्रमुख चौराहों को भी सजाया जा रहा है। स्वर्ण मंदिर परिसर के भीतर मुख्य भवन, अकाल तख्त साहिब, परिक्रमा और मजी साहिब दीवान हॉल को भी विशेष फूलों और रोशनी से सजाया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में एक अलौकिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

प्रभाव और दूरगामी परिणाम (Impact Analysis)

इस प्रकार की भव्य सजावट से न केवल शहर की सुंदरता में चार चांद लगते हैं, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों पर भी एक गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हवाई अड्डे पर उतरते ही श्रद्धालुओं को गुरु साहिब के प्रति अटूट श्रद्धा और शहर की समृद्ध संस्कृति का अहसास होता है। यह आयोजन स्थानीय व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है। जब विदेशी मेहमान हवाई अड्डे पर पारंपरिक भारतीय आतिथ्य और फूलों की महक के बीच कदम रखते हैं, तो यह अमृतसर की मेहमाननवाजी का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करता है, जो वैश्विक स्तर पर शहर की छवि को और मजबूत बनाता है।

स्वर्ग जैसी इस सजावट का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से पवित्र शहर में आने वाले सभी यात्रियों और श्रद्धालुओं का फूलों की सुगंध और भक्ति की भावना के साथ स्वागत करना है, ताकि वे पहले पल से ही इस पावन भूमि के आध्यात्मिक वैभव को महसूस कर सकें। – स्वविंदर पाल सिंह, पुष्प सज्जा सेवा प्रमुख

अंतिम निष्कर्ष (Final Takeaway)

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर अमृतसर शहर की यह सजावट केवल एक उत्सव का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह गुरु के प्रति अटूट प्रेम, सेवा भाव और सामूहिक सहभागिता का एक जीवंत प्रतीक है। स्वयंसेवकों की निष्काम सेवा और प्रशासन के सहयोग से शहर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अमृतसर की आतिथ्य परंपरा और धार्मिक आस्था सदियों से अटूट है। यह आयोजन हर आने वाले आगंतुक के मन में शांति, दिव्यता और अनूठी सकारात्मक ऊर्जा छोड़ जाता है, जो इसे हमेशा के लिए यादगार बनाता है।

Translate »
error: Content is protected !!