(Claiming a return to power in Punjab! Congress sounds the election bugle) पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठकें कीं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब बदलाव चाहता है और कांग्रेस प्रदेश में दोबारा सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है और ड्रग माफिया का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सामाजिक बुराइयों से पंजाब को बचाने की जरूरत है। कांग्रेस का लक्ष्य प्रदेश में सत्ता में वापसी करना और लोगों को बेहतर शासन देना है।
4 नवंबर से चुनावी अभियान, संगरूर आएंगे राहुल गांधी
वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस 4 नवंबर से चुनावी अभियान शुरू करेगी। इस दौरान राहुल गांधी संगरूर में विशाल रैली को संबोधित करेंगे। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए पंजाब में अपने चुनावी अभियान को गति देने की तैयारी कर रही है।
खड़गे के बयान पर वेणुगोपाल की सफाई
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर वेणुगोपाल ने कहा कि उनकी टिप्पणी वैचारिक संदर्भ में थी। उन्होंने दावा किया कि खड़गे का आशय भाजपा की विचारधारा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संबंधों की ओर था।
खड़गे ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, “मोदी क्या, उसका बाप भी जाएगा।” इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
दिल्ली रैली के लिए पंजाब को 50 हजार लोगों का लक्ष्य
कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली आयोजित करने की तैयारी कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान गड़बड़ियां हुई हैं और मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसी मुद्दे पर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंजाब कांग्रेस को दिल्ली रैली में करीब 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। इसी सिलसिले में वेणुगोपाल और प्रदेश के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बैठकें कर रहे हैं।
कांग्रेस का दावा है कि दिल्ली रैली में INDIA गठबंधन के नेता भी शामिल होंगे। पार्टी इसे मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में पेश कर रही है।


















