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आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-24): आज के पूज्य देव (भगवान विष्णु एवं बृहस्पति देव), पूजा विधान एवं महात्म्य

आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-24): आज के पूज्य देव (भगवान विष्णु एवं बृहस्पति देव), पूजा विधान एवं महात्म्य

टारगेट न्यूज़ धर्म-अध्यात्म: 2026-10-24 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान विष्णु एवं बृहस्पति देव की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान विष्णु एवं बृहस्पति देव

आज का दिन भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है। नियमित रूप से सात्विक आचरण, सत्य का पालन और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। अपने दैनिक कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए ईश्वर का स्मरण करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें। सत्य नारायण भगवान व बृहस्पति देव को पीले पुष्प, चने की दाल, हल्दी और गुड़ का भोग अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें तथा आरती के पश्चात ब्राह्मण को दान दें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक प्रतापी राजा था जो बहुत दानी था, परंतु एक बार किसी ऋषि के परीक्षा लेने पर उसने व्रत और दान की महिमा को कम आंक दिया जिससे उसके राज्य में संकट आ गया। तब भगवान विष्णु ने उसे बृहस्पतिवार व्रत का विधान समझाया और विधि-विधान से पूजन करने पर राजा का खोया हुआ वैभव पुनः प्राप्त हुआ। इस कथा को सुनने से घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है तथा सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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