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दिवाली पर ऑटो सेक्टर की बड़ी उम्मीदें, मारुति, हुंडई और टाटा को फेस्टिव सीजन से बंपर बिक्री का भरोसा

दिवाली पर ऑटो सेक्टर की बड़ी उम्मीदें, मारुति, हुंडई और टाटा को फेस्टिव सीजन से बंपर बिक्री का भरोसा

टारगेट न्यूज़ ग्राउंड रिपोर्ट: ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए साल का सबसे बड़ा फेस्टिव सीजन यानी दिवाली और धनतेरस का समय बेहद नजदीक आ चुका है और ऐसे में देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने अपनी पूरी ताकत इस त्योहारी सीजन में बिक्री के नए रिकॉर्ड कायम करने के लिए झोंक दी है। देश के पैसेंजर व्हीकल (PV) बाजार में दो-तिहाई हिस्सेदारी रखने वाली दिग्गज कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, हुंडई मोटर इंडिया और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने हाल ही में संपन्न हुए नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मजबूत बुकिंग और गाड़ियों की बंपर डिलीवरी दर्ज की है। इन सकारात्मक आंकड़ों के बाद से वाहन निर्माताओं के भीतर इस बात की गहरी उम्मीद जग गई है कि आने वाले हफ्तों में मांग का यह मजबूत रुख न केवल बरकरार रहेगा, बल्कि दीवाली के मुख्य पर्व तक बिक्री के तमाम पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा। हालांकि, इस बीच फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़े कुछ अलग ही तस्वीर बयां करते हैं, जिससे बाजार में एक मिश्रित माहौल देखने को मिल रहा है।

ग्राउंड से मुख्य जानकारी (Key Takeaways)

  • प्रमुख कार निर्माताओं मारुति सुजुकी, हुंडई मोटर और टाटा मोटर्स ने नवरात्रि के दौरान मजबूत बुकिंग और सकारात्मक डिलीवरी दर्ज की है।
  • फाडा (FADA) की रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्रि के दौरान कुल पैसेंजर व्हीकल रिटेल बिक्री में पिछले साल की तुलना में 22 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
  • वर्ष 2025 के नवरात्रि में जहां कुल 2,34,004 यूनिट्स बिकी थीं, वहीं इस बार यह आंकड़ा गिरकर 1,82,728 यूनिट्स पर सिमट गया।
  • ऑटो कंपनियों को पूरी उम्मीद है कि दिवाली और धनतेरस के शुभ अवसरों पर कंज्यूमर सेंटिमेंट में तेजी आएगी और बाजार की सुस्ती दूर होगी।

घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा (Chronological Event Breakdown)

त्योहारी सीजन की शुरुआत हमेशा से भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होती रही है। सितंबर के आखिरी और अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में फेस्टिव सीजन की औपचारिक शुरुआत हो जाती है। इस वर्ष नवरात्रि के पावन दिनों में जहां एक ओर कार निर्माता कंपनियों की फैक्ट्रियों से डीलरशिप तक गाड़ियों का भारी मूवमेंट देखा गया, वहीं ग्राहकों ने भी शोरूम्स का रुख किया। मारुति सुजुकी और हुंडई जैसी कंपनियों ने नवरात्रि के पहले दिन ही पारंपरिक रूप से बड़ी संख्या में वाहनों की चाबियां ग्राहकों को सौंपीं। टाटा मोटर्स ने भी अपने इलेक्ट्रिक और पेट्रोल-डीजल दोनों ही सेगमेंट में बंपर बुकिंग हासिल करने का दावा किया। कंपनियों का मानना था कि नवरात्रि की यह शुरुआत इस बात का पुख्ता संकेत है कि इस बार दिवाली पर बाजार में बूम देखने को मिलेगा।

लेकिन दूसरी तरफ, जमीनी स्तर पर काम करने वाले डीलर्स के संगठन फाडा (FADA) द्वारा जारी किए गए खुदरा बिक्री के आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल नवरात्रि के दौरान देश भर में पैसेंजर व्हीकल्स की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर भारी भरकम 22 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। पिछले साल इसी त्योहारी अवधि में जहां लगभग 2,34,004 यूनिट्स वाहन बिके थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा घटकर केवल 1,82,728 यूनिट्स पर ही पहुंच पाया। इस भारी गिरावट ने विश्लेषकों और जानकारों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या उच्च ब्याज दरें, महंगाई या फिर ग्राहकों द्वारा गाड़ियों की खरीद को दिवाली तक टाल देने की रणनीति इसके पीछे मुख्य वजह है।

प्रशासनिक व स्थानीय प्रतिक्रिया (Official Action & Public Reaction)

इस विरोधाभासी स्थिति पर ऑटोमोबाइल उद्योग के जानकारों और वरिष्ठ अधिकारियों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां ऑटोमोबाइल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि नवरात्रि के दौरान ग्राहकों ने केवल पूछताछ और बुकिंग पर जोर दिया है और उनकी असली खरीदारी दिवाली तथा धनतेरस के दिन होगी, वहीं डीलर्स संघ का मानना है कि त्योहारी सीजन की शुरुआत थोड़ी सुस्त रही है। बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि ऑटो कंपनियों ने इस साल त्योहारी सीजन के मद्देनजर अपने डीलर्स के यहां स्टॉक का भारी अंबार लगा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक डिस्काउंट व ऑफर्स की बौछार देखने को मिल सकती है।

हम नवरात्रि के आंकड़ों से निराश नहीं हैं क्योंकि हमारा मानना है कि भारतीय बाजार में असली फेस्टिव खरीदारी हमेशा से धनतेरस और दिवाली के हफ्ते में केंद्रित होती है। इस बार भी हमारे पास शानदार बुकिंग्स मौजूद हैं और हमें पूरा भरोसा है कि डिलीवरी के मामले में यह सीजन ऐतिहासिक साबित होगा। – वरिष्ठ ऑटो उद्योग विशेषज्ञ

आगे क्या? (What Lies Ahead)

अब पूरी ऑटो इंडस्ट्री की नजरें आने वाले कुछ सबसे महत्वपूर्ण दिनों पर टिकी हुई हैं। दिवाली और धनतेरस का यह हफ्ता तय करेगा कि भारतीय पैसेंजर व्हीकल मार्केट चालू वित्त वर्ष में किस दिशा में आगे बढ़ेगा। कार निर्माता कंपनियों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी-भरकम छूट, एक्सचेंज बोनस, विशेष फाइनेंस स्कीम और आकर्षक उपहारों की घोषणा कर रखी है। यदि आने वाले दिनों में खुदरा बिक्री में उछाल आता है, तो यह न केवल नवरात्रि के दौरान आई 22 फीसदी की गिरावट की भरपाई करेगा, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को एक नई रफ्तार भी प्रदान करेगा। आने वाला हफ्ता देश के कार बाजार की सेहत का अंतिम और सबसे बड़ा पैमाना साबित होने वाला है।

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