टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता चीन को सौंपे जाने के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस दौरान उन्होंने वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि दुनिया अब इस समूह से ठोस और परिणामोन्मुखी कदमों की अपेक्षा रखती है।
सहयोग और निरंतरता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रिक्स ने न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि वैश्विक एजेंडे को प्रभावित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
दुनिया अब ब्रिक्स से केवल चर्चा नहीं, बल्कि ठोस नतीजों की उम्मीद करती है। मुझे विश्वास है कि चीन की अध्यक्षता में यह समूह अपनी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाते हुए वैश्विक विकास में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
ब्रिक्स के समक्ष मुख्य चुनौतियां
आगामी समय में ब्रिक्स के सामने कई जटिल चुनौतियां हैं, जिन पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता और सहयोग।
- आर्थिक सुधारों की गति को तेज करना और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाना।
- सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के लिए साझा रणनीति।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार।
भारत का योगदान और भविष्य की राह
भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान ‘ब्रिक्स@15’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की थी। अब चीन की अध्यक्षता में यह देखना दिलचस्प होगा कि समूह किस तरह से अपनी कार्ययोजना को वैश्विक पटल पर क्रियान्वित करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत ब्रिक्स के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए चीन के साथ रचनात्मक सहयोग जारी रखेगा।



















