चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित:
(CM’s wife files defamation case against 3 leaders; uproar over ₹5 crore allegations) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने अपने खिलाफ लगाए गए कथित आपत्तिजनक और मानहानिकारक आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई की है। चंडीगढ़ की अदालत में दाखिल मामले में उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया और सुखपाल सिंह खैहरा समेत संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में सेवानिवृत्त जस्टिस रणजीत सिंह भी पक्षकार हैं।
₹5 करोड़ मांगने के आरोपों पर विवाद
विवाद उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें दावा किया गया था कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने दुष्कर्म के एक आरोपी को राहत दिलाने के लिए कथित तौर पर ₹5 करोड़ की मांग की। डॉ. गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए उनका खंडन किया है। हरसिमरत कौर बादल ने भी इसी मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए थे और 8 सितंबर को राष्ट्रीय महिला आयोग से जांच और CBI जांच की मांग की थी।
मानहानि नोटिस के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से पहले संबंधित नेताओं को कानूनी नोटिस भेजकर माफी की मांग की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, सुखपाल सिंह खैहरा ने नोटिस को सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया था और मानहानि का केस दर्ज करने की चुनौती दी थी।
कोर्ट ने भी लगाई अंतरिम रोक
इसी विवाद में चंडीगढ़ जिला अदालत ने 9 सितंबर को जस्टिस रणजीत सिंह, बिक्रम सिंह मजीठिया और सुखपाल सिंह खैहरा को डॉ. गुरप्रीत कौर के खिलाफ कथित तौर पर अपुष्ट और मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से अगली सुनवाई तक रोक दिया। अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को निर्धारित है।
अदालत ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्ति की प्रतिष्ठा के अधिकार के बीच संतुलन जरूरी है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल सोशल मीडिया से पहले से मौजूद पोस्ट और वीडियो हटाने का आदेश नहीं दिया है।
तीन आरोपियों में हरसिमरत कौर बादल का नाम है, लेकिन 9 सितंबर के उपलब्ध अदालत-कवरेज में पक्षकारों के तौर पर रणजीत सिंह, बिक्रम मजीठिया और सुखपाल खैहरा के नाम दर्ज हैं। हरसिमरत कौर ने अलग से इसी विवाद को लेकर NCW में शिकायत की है।



















