चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Why Is Fiber Essential for Your Health? Discover Its Amazing Benefits! “) क्या आपकी थाली में भी रिफाइंड आटा, पैकेज्ड स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड ने जगह बना ली है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। यही वजह है कि आज पेट फूलना, कब्ज, सुस्ती, बढ़ता वजन और मेटाबॉलिक समस्याएं तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों “फाइबर-मैक्सिंग” का ट्रेंड भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसका मतलब है अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाना। विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना करीब 30 से 40 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है, लेकिन अधिकांश भारतीय केवल 15 ग्राम के आसपास ही फाइबर ले पाते हैं।
फाइबर दो प्रकार का होता है। पहला घुलनशील फाइबर, जो पानी में घुलकर जेल जैसा बन जाता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखता है, ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। दूसरा अघुलनशील फाइबर है, जो आंतों की सफाई करता है, कब्ज से बचाता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखता है।
फाइबर सिर्फ पाचन के लिए ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत, ब्लड शुगर कंट्रोल, वजन घटाने और मजबूत इम्यूनिटी के लिए भी बेहद जरूरी माना जाता है। इतना ही नहीं, यह आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य, मूड और तनाव पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
हालांकि, फाइबर की मात्रा अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाना भी सही नहीं है। इससे गैस, पेट फूलना, ऐंठन और भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए धीरे-धीरे फाइबर बढ़ाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं।
अगर आप प्राकृतिक तरीके से फाइबर बढ़ाना चाहते हैं तो अपनी डाइट में चना, राजमा, लोबिया, बाजरा, अमरूद, नाशपाती, कटहल, साबुत अनाज, छिलके वाली दालें और हरी सब्जियां शामिल करें। रिफाइंड आटे की जगह मोटे अनाज और चोकर युक्त आटा चुनें। छोटी-सी यह आदत आपकी सेहत को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकती है।



















