Home Punjab झोटा हत्याकांड: SSP के तबादले पर अड़ा परिवार, पोस्टमार्टम रोका

झोटा हत्याकांड: SSP के तबादले पर अड़ा परिवार, पोस्टमार्टम रोका

मानसा। राजवीर दीक्षित 

 

(Jhota murder case: Family insists on SSP’s transfer, halts post-mortem) नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पंजाब सरकार और पीड़ित परिवार के बीच गतिरोध खत्म नहीं हो रहा। शनिवार को झोटा के पिता भीम सिंह ने मानसा के SSP वैभव चौधरी के तबादले की मांग उठाते हुए स्पष्ट कर दिया कि उनकी मौजूदगी में सरकार के साथ आगे कोई बातचीत नहीं होगी। इससे पहले शुक्रवार को परिवार, एक्शन कमेटी और सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी।

भीम सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन के साथ बैठकों में परिवार के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निलंबन आदेशों की प्रतियां मांगीं और अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच की मांग की।

CM और DGP के इस्तीफे की मांग पर अड़े परिजन

एक वीडियो संदेश में भीम सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों में झोटा के संभावित प्रभाव के डर से उनके बेटे की हत्या की गई। हालांकि, यह परिवार की ओर से लगाया गया आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

CBI जांच और PGI के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम पर सहमति

शुक्रवार को हुई बातचीत के दौरान सरकार के पैनल ने लिखित जवाब में परिवार की कई मांगें स्वीकार करने की जानकारी दी। इनमें हत्या की CBI जांच, वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम, परिवार को सुरक्षा, मानसा में झोटा की प्रतिमा स्थापित करना और नियमों का उल्लंघन करने वाली मेडिकल दुकानों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।

हत्या की CBI जांच शुरू हो चुकी है। इसके बावजूद परिवार और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री तथा DGP के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। परिजनों ने मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। झोटा का शव अभी भी मानसा सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा है।

13 अक्तूबर को केमिस्ट शॉप पर मारी गई थी गोली

परविंदर सिंह झोटा को 13 अक्तूबर को मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद गोली मार दी गई थी।

मामले में अश्वनी, उसकी पत्नी नीलम रानी, उसके चचेरे भाई परवीन गर्ग और लड्डी नामक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद होने की जानकारी दी गई है। चारों आरोपी फिलहाल CBI की हिरासत में हैं।

फिलहाल पेच बरकरार: परिवार अब SSP के तबादले की मांग पर भी अड़ गया है। पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार को लेकर फैसला सरकार और परिजनों के बीच लंबित मांगों पर सहमति बनने के बाद ही हो सकेगा।

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