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खन्ना पुलिस ने महज एक घंटे में सुलझाई 15 लाख की लूट और कारजैकिंग की गुत्थी, ड्राइवर समेत तीन गिरफ्तार

खन्ना पुलिस ने महज एक घंटे में सुलझाई 15 लाख की लूट और कारजैकिंग की गुत्थी, ड्राइवर समेत तीन गिरफ्तार

टारगेट न्यूज़ विशेष कवरेज: पंजाब के खन्ना में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज कारजैकिंग और 15 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने महज एक घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि खुद शिकायतकर्ता व्यवसायी का अपना ड्राइवर ही निकला, जिसने नशे की लत के चलते लुटेरों के साथ मिलकर इस सनसनीखेज साजिश को अंजाम दिया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लूटे गए पूरे 15 लाख रुपये नकद, व्यवसायी की हुंडई वेन्यू कार और एक अवैध .12 बोर का पिस्तौल व दो जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। इस त्वरित कार्रवाई से पंजाब पुलिस की मुस्तैदी एक बार फिर साबित हुई है।

प्रमुख आकर्षण और बिंदु (Highlights)

  • खन्ना पुलिस ने महज 60 मिनट के भीतर दिनदहाड़े हुई 15 लाख की लूट की गुत्थी सुलझाई।
  • शिकायतकर्ता व्यवसायी का अपना ड्राइवर सुखविंदर सिंह उर्फ सुखी ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला।
  • पुलिस की घेराबंदी से बचने की कोशिश में दो लुटेरे इमारत से नीचे कूद गए, जिससे उनके पैर फ्रैक्चर हो गए।
  • आरोपियों के कब्जे से 15 लाख रुपये कैश, हुंडई वेन्यू कार और अवैध पिस्तौल बरामद की गई।
  • गिरफ्तार आरोपियों में जतिंदर सिंह, मनप्रीत सिंह और ड्राइवर सुखविंदर सिंह शामिल हैं।

पूरे घटनाक्रम की कहानी (Full Story)

खन्ना पुलिस जिला की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पूरे शहर की सीमाओं को सील कर दिया गया था। सीआईए इंचार्ज और एसएचओ खन्ना सिटी की संयुक्त टीमों ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महज कुछ ही मिनटों में आरोपियों का सुराग लगा लिया। पुलिस दल ने पीछा करते हुए आरोपियों को पायल इलाके में घेर लिया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन बचने की फिराक में वे एक इमारत से नीचे गिर पड़े, जिससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर आ गया। पुलिस ने तुरंत उन्हें हिरासत में लिया और इलाज के लिए खन्ना के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान जतिंदर सिंह उर्फ काका और मनप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई है, जो दोनों अमलोह के रहने वाले हैं। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि दोनों के खिलाफ पहले से ही तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। कड़ाई से पूछताछ करने के दौरान इन दोनों ने खुलासा किया कि इस लूट की साजिश में व्यवसायी करण बांदा का ड्राइवर सुखविंदर सिंह उर्फ सुखी भी बराबर का शामिल था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत ड्राइवर सुखी को भी गिरफ्तार कर लिया।

शिकायतकर्ता करण बांदा, जो मंडी गोबिंदगढ़ के एक जाने-माने लोहे के स्क्रैप डीलर हैं, ने पुलिस को बताया कि वे गुरुवार दोपहर अपने ड्राइवर सुखी के साथ खन्ना के एसबीआई अमलोह चौक शाखा से 15 लाख रुपये निकलवाने आए थे। बैंक से पैसे निकालने के बाद वे अपनी कार में सवार होकर वापस लौट रहे थे। रास्ते में ड्राइवर सुखी ने सिगरेट खरीदने के बहाने गाड़ी रोकी। उसी दौरान निंग के भेष में दो लोग वहां आए। उनमें से एक ने ड्राइवर की सीट संभाली और पिस्तौल दिखाकर करण बांदा को डराया-धमकाया, जबकि दूसरे ने पीछे की सीट पर बैठकर उनके साथ मारपीट की। किसी तरह करण बांदा गाड़ी से बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिसके बाद आरोपी कार और रुपयों से भरा बैग लेकर मंडी गोबिंदगढ़ की तरफ फरार हो गए।

एसपी (जांच) राकेश यादव ने इस मामले में खुलासा करते हुए बताया कि ड्राइवर सुखी हेरोइन का सेवन करता था और इन लुटेरों के संपर्क में था। नशे की अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए उसने इस लूट की योजना बनाई थी। वह अक्सर व्यवसायी के साथ बैंक जाता था और अपने साथियों को नकदी निकालने की पल-पल की टिप देता था। योजना के तहत ही उसने सुनसान जगह पर गाड़ी रोकी थी ताकि लुटेरे आसानी से वारदात को अंजाम दे सकें और खुद को अनजान दिखाने का नाटक करता रहा।

मुख्य सवाल और उनके जवाब (Key Questions & Answers)

सवाल 1: इस लूट का मुख्य मास्टरमाइंड कौन था?
जवाब: व्यवसायी का अपना ड्राइवर सुखविंदर सिंह उर्फ सुखी इस लूट का मुख्य साजिशकर्ता था, जिसने नशे की लत के कारण अपने साथियों के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी।

सवाल 2: पुलिस ने आरोपियों को कैसे दबोचा?
जवाब: खन्ना पुलिस ने घटना के तुरंत बाद शहर को सील कर दिया। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर पायल में घेराबंदी की गई, जहां भागने की कोशिश में आरोपी इमारत से गिरकर घायल हो गए और पकड़े गए।

सवाल 3: पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया है?
जवाब: पुलिस ने लूटे गए पूरे 15 लाख रुपये, व्यवसायी की हुंडई वेन्यू कार और एक अवैध .12 बोर का पिस्तौल व जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं।

खन्ना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मजबूत खुफिया तंत्र के कारण हमने महज एक घंटे के भीतर इस सनसनीखेज वारदात को सुलझा लिया। अपराधियों के लिए खन्ना में कोई जगह नहीं है। – डॉ. दर्पण अहलूवालिया, एसएसपी खन्ना

समापन और निष्कर्ष (Conclusion)

पंजाब के खन्ना में हुई इस वारदात ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित प्रशासनिक प्रतिक्रिया बड़े से बड़े अपराध को चंद घंटों में बेनकाब कर सकती है। जहां एक ओर यह घटना अपनों पर भरोसा करने के जोखिम को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर खन्ना पुलिस की तत्परता ने यह संदेश भी दिया है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

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