Home Punjab अंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर पंजाब में उबाल

अंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर पंजाब में उबाल

जालंधर/होशियारपुर। राजवीर दीक्षित 

(Outrage in Punjab over the desecration of an Ambedkar statue;) लुधियाना में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का जूतों की माला पहनाकर अपमान किए जाने के विरोध में पंजाब में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जालंधर और होशियारपुर में दलित समाज की ओर से बंद रखा गया। वहीं अब विरोध का असर अमृतसर तक पहुंच गया है, जहां शुक्रवार को तीन घंटे चक्काजाम का ऐलान किया गया है।

जालंधर और होशियारपुर में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद का आह्वान किया गया था। इस दौरान अधिकांश बाजारों में दुकानें बंद रहीं। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने खुली दुकानों को भी बंद करवाया। हालांकि, बंद के दौरान किसी तरह की झड़प या बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

लुधियाना पुलिस को एक सप्ताह का अल्टीमेटम

मामले को लेकर लुधियाना पुलिस लाइन में पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने दलित समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को एक सप्ताह का समय दिया है।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं, बसपा कार्यकर्ताओं ने भी लुधियाना के भारत नगर चौक पर धरना देकर कार्रवाई की मांग उठाई।

अमृतसर में 3 घंटे रहेगा चक्काजाम

जालंधर और होशियारपुर के बाद अब अमृतसर में भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। वाल्मीकि समाज से जुड़े संगठनों ने शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक भंडारी पुल पर चक्काजाम करने का ऐलान किया है।

हालांकि, अमृतसर बंद की कॉल वापस ले ली गई है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि चक्काजाम के दौरान आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित नहीं किया जाएगा।

जालंधर बाईपास चौक पर हुआ था अपमान

दरअसल, 8 सितंबर को लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर शरारती तत्वों ने जूतों की माला डाल दी थी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और रात में कई घंटे तक विरोध प्रदर्शन चला।

पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद बुधवार सुबह दलित समाज के लोगों ने प्रतिमा का दूध से अभिषेक किया। पुलिस ने प्रतिमा के आसपास CCTV कैमरे भी लगवा दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना को रोका जा सके।

एक गिरफ्तारी की मांग, आंदोलन बढ़ने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतिमा का अपमान केवल एक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि संविधान और उसके मूल्यों का अपमान है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पंजाब में विरोध प्रदर्शन का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की नजरें हैं।

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