द टारगेट न्यूज़:
पंचकूला के डिप्टी कमिश्नर सतपाल शर्मा ने दिवाली के मद्देनजर जिले भर में मिठाइयों, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि मिलावट और एक्सपायर्ड उत्पादों की बिक्री बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य गुणवत्ता से समझौता करने या जन स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी मिलावटी या एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचे जाने की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासनिक टीमों या डिप्टी कमिश्नर कार्यालय को दें।त्योहार के सीजन में मिठाइयों, मावा, पनीर, देसी घी और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए डीसी ने दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों को नकली या घटिया सामान न बेचने की हिदायत दी है। उन्होंने निर्देश दिए कि मिठाइयां जरूरत के अनुसार ही तैयार की जाएं और उन्हें लंबे समय तक स्टोर करके न रखा जाए। इसके अलावा, निर्माण के दौरान पूरी साफ-सफाई का ध्यान रखा जाना चाहिए और कर्मचारियों के लिए दस्ताने और कैप पहनना अनिवार्य किया गया है। दूध, मावा, मिठाई, सूखे मेवे, चॉकलेट और ब्रांडेड मिठाइयों की लगातार निगरानी के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, सभी खाद्य उत्पादों पर निर्माण और समाप्ति तिथि स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए। जिला सचिवालय में आयोजित एक समाधान शिविर के दौरान, डीसी सतपाल शर्मा ने जन शिकायतों को भी सुना। बताद निवासी की शिकायत पर उन्होंने बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता को हाई-वोल्टेज बिजली लाइन और कथित रूप से अवैध बिजली के खंभे की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। इसके अलावा, गारीदा, चरानिया और खोखरा गांवों में रेलवे द्वारा अधिग्रहित भूमि और इंतकाल दर्ज कराने से जुड़ी शिकायत पर पंचकूला और कालका के तहसीलदारों को समन्वय स्थापित कर रिपोर्ट देने को कहा गया। डीसी ने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशों के तहत हर सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जिला सचिवालय में समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सानी व्यक्तिगत रूप से इन शिविरों की निगरानी करते हैं और अधिकारियों को लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई है।


















