टारगेट न्यूज़ विशेष कवरेज: पंजाब के बहुचर्चित और सनसनीखेज परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड मामले में राजनीतिक और सामाजिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। दिवंगत एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने वाले हैं। इस अहम मुलाकात से ठीक पहले भीम सिंह ने अपने तेवर पूरी तरह साफ कर दिए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दो टूक कहा है कि वे गृहमंत्री के सामने अपने बेटे की हत्या की सीबीआई जांच (CBI Probe) की मांग प्रमुखता से रखेंगे। इसके साथ ही, वे राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) के इस्तीफे की मांग पर भी अड़े हुए हैं। इस उच्च स्तरीय मुलाकात को लेकर पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है और हर किसी की निगाहें दिल्ली में होने वाली इस बैठक पर टिकी हुई हैं।
प्रमुख आकर्षण और बिंदु (Highlights)
- परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने से पहले अपनी मांगों को पूरी तरह स्पष्ट किया है।
- मृतक एक्टिविस्ट के पिता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब डीजीपी के इस्तीफे की मांग दोहराई है।
- परिवार और एक्शन कमेटी की मुख्य मांग इस पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराना है।
- इससे पहले पंजाब सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों और मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रही थी।
- मानसा में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं और प्रदर्शनकारी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पूरे घटनाक्रम की कहानी (Full Story)
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से ही पंजाब के मानसा और आसपास के इलाकों में उबाल देखा जा रहा है। न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन और धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं। परिवार और संघर्ष समिति का आरोप है कि इस नृशंस हत्याकांड के पीछे ड्रग तस्करों, पुलिसकर्मियों और कुछ राजनीतिक लोगों का गठजोड़ (Nexus) हो सकता है। इसी गहरे संदेह के चलते परिवार स्थानीय पुलिस की जांच पर पूरी तरह अविश्वास जता रहा है और शुरू से ही एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहा है। मामले की गंभीरता को भांपते हुए पंजाब सरकार भी एक्शन मोड में आई थी, जिसके तहत मानसा में उच्च स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम ने पीड़ित परिवार और एक्शन कमेटी के सदस्यों के साथ लंबी बैठक की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग की विशेष सचिव अपनीत रियात, फरीदकोट divisional कमिश्नर कंवल प्रीत बराड़, मानसा की उपायुक्त नवजोत कौर, बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह और मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी जैसे दिग्गज अधिकारी शामिल थे। करीब डेढ़ घंटे तक चली यह बैठक किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई और बेनतीजा समाप्त हुई। अधिकारियों ने परिवार से लिखित मांग पत्र ले लिया है और इसे राज्य सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन और विरोध प्रदर्शन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया है। इसी बीच, दिवंगत परविंदर के पिता भीम सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि उनका मुख्य उद्देश्य सीबीआई जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी है। हालांकि, गृह मंत्री अमित शाह से अपनी पूर्व निर्धारित मुलाकात से ठीक पहले भीम सिंह ने एक बार फिर अपने तेवर कड़े करते हुए मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे के साथ-साथ पंजाब के अन्य ज्वलनशील मुद्दों और किसानों से जुड़ी समस्याओं को भी गृह मंत्री के समक्ष उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने यह भी साफ किया है कि इस दुख की घड़ी में यदि कोई केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे का विरोध करता है, तो इसे उनके परिवार और उनके शहीद बेटे के अपमान के रूप में देखा जाएगा।
मुख्य सवाल और उनके जवाब (Key Questions & Answers)
सवाल 1: परविंदर सिंह झोटा के परिवार की मुख्य मांगें क्या हैं?
जवाब: परिवार और एक्शन कमेटी मुख्य रूप से इस पूरे हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं ताकि ड्रग तस्करों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के नेक्सस का पर्दाफाश हो सके। इसके अलावा वे मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सवाल 2: क्या पंजाब सरकार और परिवार के बीच कोई समझौता हुआ है?
जवाब: नहीं, अभी तक सरकार और पीड़ित परिवार के बीच बातचीत बेनतीजा रही है। मानसा में अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल परिवार से मिला था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
हम अपने बेटे के लिए न्याय चाहते हैं और जब तक हत्या के असली साजिशकर्ता बेनकाब नहीं होते, हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम गृहमंत्री अमित शाह के सामने सीएम और डीजीपी के इस्तीफे के साथ सीबीआई जांच की मांग पुरजोर तरीके से रखेंगे। – भीम सिंह, परविंदर झोटा के पिता
समापन और निष्कर्ष (Conclusion)
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह पंजाब की कानून व्यवस्था, ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई और राजनीतिक जवाबदेही का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। पीड़ित पिता भीम सिंह की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ होने वाली यह मुलाकात इस पूरे मामले की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर बढ़ते दबाव के बीच यह देखना बेहद अहम होगा कि केंद्र सरकार के स्तर पर इस मामले में क्या हस्तक्षेप होता है और क्या पीड़ित परिवार को उनकी उम्मीद के मुताबिक न्याय मिल पाता है या नहीं। राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने और जनता का विश्वास जीतने के लिए सरकार को पारदर्शी कदम उठाने ही होंगे।


















