thetargetnews.in ब्यूरो: पंजाब के स्थानीय शहरी निकायों के अंतर्गत आने वाले छह वार्डों में व्याप्त भारी अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने स्थानीय निवासियों का सब्र तोड़ दिया है। लंबे समय से सड़कों की बदहाली, सीवरेज की समस्या और कूड़े के ढेरों से परेशान होकर आज सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
समस्याओं का अंबार और जनता का आक्रोश
प्रदर्शन में शामिल निवासियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से उनके वार्डों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। गलियों में भरा गंदा पानी न केवल बीमारियों को न्योता दे रहा है, बल्कि आवाजाही में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड के निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने कहा, ‘हम टैक्स भरते हैं, लेकिन बदले में हमें केवल टूटी सड़कें और गंदगी मिलती है। प्रशासन को हमारी समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है, इसीलिए हमें आज मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है।’
प्रमुख मांगें और भविष्य की रणनीति
- सभी टूटी सड़कों की तत्काल मरम्मत और पैच वर्क।
- सीवरेज सिस्टम की सफाई और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान।
- वार्डों में नियमित सफाई व्यवस्था और कूड़ा उठाने के लिए उचित प्रबंध।
- स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत ताकि रात के समय सुरक्षा बनी रहे।
प्रशासन का रुख
इस पूरे मामले पर नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें निवासियों की शिकायतों की जानकारी है और जल्द ही संबंधित वार्डों का दौरा कर समस्याओं के समाधान के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, निवासियों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं और काम धरातल पर दिखना चाहिए।



















