द टारगेट न्यूज़:
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मोहाली में स्थित ‘कल्काट भवन’ को कृषि विभाग से लेकर उद्योग विभाग को सौंपने के कैबिनेट के फैसले पर आपत्ति जताई है। किसान यूनियनों की चिंताओं का हवाला देते हुए कृषि विभाग ने इस बहुमूल्य इमारत को पूरी तरह स्थानांतरित करने के बजाय उद्योग विभाग को केवल एक मंजिल देने का प्रस्ताव दिया है। मोहाली की एयरपोर्ट रोड पर स्थित कल्काट भवन का नाम प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक जीएस कल्काट के नाम पर रखा गया है। वर्ष 2016 में निर्मित इस इमारत को एक ऐसे समर्पित केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया था, जहां किसान और नीति निर्माता बातचीत कर सकें तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों और तकनीक के हस्तांतरण को सुगम बना सकें। वर्तमान में इस भवन में पंजाब स्टेट फार्मर्स एंड फार्म वर्कर्स कमीशन और पंजाब बायोटेक्नोलॉजी पार्क के कार्यालय भी संचालित होते हैं। 21 जुलाई को हुई एक बैठक में पंजाब कैबिनेट ने इस इमारत को एक एकीकृत नवाचार और स्टार्टअप केंद्र (Integrated Innovation and Start-up Centre) की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को स्थानांतरित करने की मंजूरी दी थी। सरकार का तर्क था कि इस भवन का इष्टतम उपयोग नहीं हो रहा है, इसलिए स्टार्टअप परियोजना के लिए परिसर की भूमि और संरचना को सौंपा जाना चाहिए। हालांकि, इस कदम से किसानों और उनके संगठनों में व्यापक रोष फैल गया था। इसके बाद, कल्काट भवन के सुचारू संचालन और प्रबंधन के लिए अधिकारियों की एक 12-सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति की 22 अक्टूबर को हुई दूसरी बैठक की अध्यक्षता उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने की। बैठक के दौरान खुड्डियां ने जमीन के आवंटन की शर्तों और किसान यूनियनों की आपत्तियों का हवाला देते हुए कैबिनेट के मूल निर्णय से अलग रुख अपनाया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा 16 मार्च 2016 को जारी किए गए आवंटन पत्र का हवाला देते हुए बताया कि इस साइट या इसके किसी भी अधिकार, शीर्षक और हित को बिक्री, उपहार, बंधक या अन्य किसी भी तरीके से स्थानांतरित करने का कोई अधिकार नहीं है। इन कानूनी और व्यावहारिक अड़चनों को देखते हुए, समिति ने सिफारिश की कि कृषि विभाग अपनी आपत्तियों को शामिल करते हुए मुख्यमंत्री को एक नया ज्ञापन सौंपे, ताकि मंत्रिपरिषद से इस मामले पर दोबारा निर्णय लिया जा सके।


















