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तिरंगे में घर लौटा जवान, पत्नी ने कंधा देकर निभाया फर्ज, मासूम हाथों ने दी आखिरी विदाई

कांगड़ा । राजवीर दीक्षित

(Soldier returns home wrapped in the Tricolour; wife shoulders the coffin to fulfill her duty, while innocent hands bid the final farewell)कांगड़ा जिले के लंज क्षेत्र से बेहद दुखद खबर सामने आई है। डडोली पंचायत के अंबी गांव निवासी 36 वर्षीय सीआईएसएफ जवान राहुल रंधावा का दिल्ली में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो गया। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा। साथी जवानों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। जवान के निधन की खबर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। कम उम्र में देश सेवा करते हुए राहुल रंधावा का यूं चले जाना परिवार और क्षेत्र के लिए बेहद पीड़ादायक है।

जवान की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा, अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
राहुल रंधावा के निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव अंबी में मातम छा गया। बुधवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो माहौल बेहद भावुक हो गया। राहुल के अंतिम दर्शन के लिए लंज और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग अंबी पहुंचे। हर कोई अपने जवान को श्रद्धांजलि देने और अंतिम विदाई देने के लिए वहां मौजूद था। इस दौरान परिजनों का दर्द देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव में शोक और सन्नाटे का माहौल बना रहा।

मासूम बेटों ने खोया पिता, पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल
राहुल के निधन के बाद उनकी पत्नी अंजना रंधावा पूरी तरह टूट गई हैं। वहीं 9 वर्षीय शिवाक्ष और 5 वर्षीय रुद्राक्ष को अभी तक यकीन नहीं हो पा रहा कि उनके पिता अब उनके बीच नहीं रहे। अंतिम संस्कार के दौरान दोनों बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। इस दर्दनाक दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया।

आंसुओं के बीच पत्नी ने निभाया आखिरी फर्ज
सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य उस समय सामने आया, जब पत्नी अंजना रंधावा ने अपने पति की अंतिम यात्रा में उनकी अर्थी को कंधा दिया। जीवनसाथी को अंतिम विदाई देने की इस घड़ी में अंजना ने अदम्य साहस का परिचय दिया। पति की अर्थी को कंधा देकर वह अंतिम सफर में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलीं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। गम के इस पहाड़ के बीच अंजना का हौसला लोगों के लिए भावुक कर देने वाला रहा।

मासूम बेटों ने दी पिता को अंतिम विदाई, नम हुईं हर आंखें
नौ और पांच साल के मासूम बेटों शिवाक्ष और रुद्राक्ष ने जब अपने पिता राहुल रंधावा की चिता को मुखाग्नि दी तो डडोली मोक्षधाम का माहौल गमगीन हो गया। पिता को अंतिम विदाई देते मासूम बच्चों का दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

हिमाचल प्रदेश पुलिस की टुकड़ी ने डडोली मोक्षधाम में राहुल रंधावा की पार्थिव देह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। इस दौरान स्वजन, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से अपने वीर जवान को अंतिम विदाई दी। पिता की अर्थी के सामने खड़े दोनों मासूम बच्चों की तस्वीर ने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया।

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