टारगेट न्यूज़ विशेष कवरेज: अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास रविवार देर रात संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखे जाने के बाद विमानन सेवाओं में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों और एहतियात के तौर पर उड़ानों का संचालन कुछ समय के लिए रोकना पड़ा, जिसके चलते तीन प्रमुख उड़ानों को या तो दिल्ली डायवर्ट करना पड़ा या फिर वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर सीमावर्ती क्षेत्रों में हवाई सुरक्षा और ड्रोन के जरिए होने वाली घुसपैठ या जासूसी के खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर ये ड्रोन कहां से आए थे और इनका उद्देश्य क्या था।
प्रमुख आकर्षण और बिंदु (Highlights)
- अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास रविवार रात करीब 9:30 बजे दो से तीन संदिग्ध ड्रोन देखे गए।
- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल और वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की सूचना दी।
- सुरक्षा कारणों से विमान संचालन रोक दिया गया, जिससे एयर इंडिया, इंडिगो और मलेशिया एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हुईं।
- दिल्ली से आ रही एयर इंडिया की उड़ान (AI-855) को वापस दिल्ली लौटना पड़ा, जबकि मुंबई से आ रही इंडिगो की उड़ान को चंडीगढ़ डायवर्ट किया गया।
- क्वालालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान (MH-118) को दिल्ली भेजा गया, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई।
पूरे घटनाक्रम की कहानी (Full Story)
घटना रविवार रात लगभग साढ़े नौ बजे की है जब सीमावर्ती राज्य पंजाब के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक अमृतसर एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कर्मियों ने आसमान में कुछ संदिग्ध वस्तुएं उड़ती हुई देखीं। पास से देखने और दूरबीन की मदद से यह स्पष्ट हो गया कि वे दो से तीन ड्रोन थे जो प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में चक्कर काट रहे थे। जैसे ही यह जानकारी सुरक्षा नियंत्रण कक्ष तक पहुंची, हड़कंप मच गया। तत्काल प्रभाव से प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हवाई अड्डे की सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रख दिया गया और आने-जाने वाली उड़ानों के संचालन को रोक दिया गया। इस अचानक आए व्यवधान के कारण यात्रियों में भ्रम और अफरातफरी की स्थिति बन गई। कई यात्री जो अपनी यात्रा पूरी कर चुके थे या जिन्हें आगे की यात्रा करनी थी, वे एयरपोर्ट के भीतर ही फंस गए। यात्रियों का आरोप था कि स्थिति बिगड़ने पर तुरंत कोई संतोषजनक जवाब देने के लिए एयरलाइंस या एयरपोर्ट के अधिकारी मौके पर उपलब्ध नहीं थे, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए स्थिति का जायजा लिया और आसमान के पूरी तरह साफ होने के बाद रात करीब साढ़े दस बजे के बाद विमान संचालन को सामान्य कर दिया गया। एयरपोर्ट निदेशक अनिरुद्ध कुमार शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलने के बाद यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए उड़ानों को एहतियातन डायवर्ट किया गया था। गौरतलब है कि पिछले महीने यानी छह सितंबर को भी इसी प्रकार की संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिली थी, जिसके कारण सात उड़ानें प्रभावित हुई थीं और लगभग नब्बे मिनट तक परिचालन रोकना पड़ा था। बार-बार इस तरह की घटनाएं सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
मुख्य सवाल और उनके जवाब (Key Questions & Answers)
सवाल 1: ड्रोन कहां देखे गए थे और किसने इसकी सबसे पहले सूचना दी?
जवाब: संदिग्ध ड्रोन अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर और उसके आसपास के प्रतिबंधित एयरस्पेस में देखे गए। इसकी सबसे पहले सूचना सीआईएसएफ (CISF) के सतर्क जवानों ने दी थी।
सवाल 2: इस घटना के कारण कितनी उड़ानें प्रभावित हुईं और उन्हें कहां भेजा गया?
जवाब: इस घटना के कारण तीन प्रमुख उड़ानें मुख्य रूप से प्रभावित हुईं। एयर इंडिया की दिल्ली से आने वाली फ्लाइट को वापस दिल्ली भेजा गया, इंडिगो की मुंबई फ्लाइट को चंडीगढ़ डायवर्ट किया गया और मलेशिया एयरलाइंस की क्वालालंपुर से आने वाली फ्लाइट को दिल्ली डायवर्ट किया गया।
सवाल 3: क्या यह पहली बार हुआ है जब अमृतसर एयरपोर्ट के पास ड्रोन देखे गए?
जवाब: नहीं, इससे पहले छह सितंबर को भी इसी तरह की ड्रोन गतिविधि दर्ज की गई थी, जिसमें सात उड़ानें प्रभावित हुई थीं और डेढ़ घंटे तक सेवाएं बाधित रहीं थीं।
एयरपोर्ट के निदेशक अनिरुद्ध कुमार शर्मा ने कहा, सुरक्षा कर्मियों द्वारा ड्रोन गतिविधि की रिपोर्ट किए जाने के बाद एहतियात के तौर पर उड़ानों को डायवर्ट किया गया था। स्थिति को पूरी तरह से परखने के बाद रात साढ़े दस बजे के बाद संचालन सामान्य कर दिया गया और यात्रियों को हुई असुविधा का प्रबंधन किया गया।
समापन और निष्कर्ष (Conclusion)
अमृतसर एयरपोर्ट के पास बार-बार संदिग्ध ड्रोन का दिखाई देना राष्ट्रीय सुरक्षा और नागर विमानन सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील विषय है। पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, जहां दुश्मन ताकतों द्वारा ड्रोन के माध्यम से हथियार, ड्रग्स और अन्य अवैध सामग्री भेजने की साजिशें पहले भी नाकाम की जाती रही हैं। हवाई अड्डों के पास इस प्रकार की गतिविधियां न केवल यात्रियों की जान को खतरे में डालती हैं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं। हालांकि इस बार सुरक्षा बलों की तत्परता से किसी भी बड़े खतरे को टाल दिया गया और रात में ही स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया, लेकिन इस बात की सख्त आवश्यकता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ठिकानों के आसपास एंटी-ड्रोन तकनीक को और अधिक मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोका जा सके।


















