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₹1.94 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में ऊना-नंगल के शराब कारोबारी राजीव राणा गिरफ्तार

दोस्त ने ही कारोबार में घाटा पड़ने के बाद बदल ली नजरें और दर्ज करवा दी FIR

चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर फाजिल्का पुलिस ने भेजा न्यायिक हिरासत में, फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने का लगाया आरोप

ऊना/नंगल । राजवीर दीक्षित

(Una-Nangal Liquor Businessman Rajiv Rana Arrested Over Alleged ₹1.94 Crore Fraud) कारोबार में हुए नुकसान को लेकर शराब व्यापारी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते उसी के दोस्त ने मामला दर्ज करवाया है। हिमाचल व पंजाब के मशहूर शराब कारोबारी राजीव कुमार राणा उर्फ के.के. राणा को फाजिल्का पुलिस ने एक करोड़ 94 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार,आरोपी पर कारोबारी साझेदारी का झांसा देकर लोगों का विश्वास हासिल करने और बाद में कथित तौर पर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने के आरोप लगाया गया हैं। आपको बता राजीव राणा राणा वाइन कंपनी के मालिक है व उनका हिमाचल में बड़े स्तर पर शराब का कारोबार चलता था। पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने जमीन के मूल्यांकन और सत्यापन के नाम पर संबंधित जमीन की फर्द तथा अन्य दस्तावेज हासिल किए। आरोप है कि इसके बाद शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर कर उसकी संपत्ति को हिमाचल सरकार/आबकारी विभाग के पास बतौर सुरक्षा राशि करीब 1.94 करोड़ रुपये की जमानत के लिए इस्तेमाल किया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि बैंक खाते में 1.94 करोड़ रुपये का चेक जमा होने के बाद खाता डेबिट हो गया, जबकि जमीन को सुरक्षा से मुक्त नहीं कराया गया।

मामले की जांच के दौरान दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच भी कराई गई। जांच रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के वास्तविक हस्ताक्षरों से कथित तौर पर मेल नहीं पाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेजों में छेड़छाड़ किस स्तर पर और किसके माध्यम से की गई। जांच में आरोपी के दोस्त विजेंद्र सिंह चौहान से जुड़े दस्तावेजों के साथ भी कथित छेड़छाड़ और फर्जी हस्ताक्षर किए जाने की बात सामने आई है। इस संबंध में थाना सदर कुहड़ में 4 फरवरी 2025 को दर्ज एक अलग शिकायत का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं अन्य लोगों के दस्तावेजों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी तो नहीं हुई।

पुलिस जांच, शिकायतकर्ता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सिटी-1 अबोहर पुलिस ने राजीव कुमार राणा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे पहले एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा। रिमांड अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने दोबारा अदालत में पेश किया, जहां से राजीव कुमार राणा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों तथा दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

उधर इस मामले में परिवार ने इसे बड़ी साजिश बताया है। पारिवारिक सदस्यों के अनुसार शिकायतकर्ता कारोबार में साथ था जब कारोबार में घाटा पड़ने लगा तो यह सारी कहानी बनाई गई है। सूत्रों के अनुसार राजीव राणा को इस तरह आरोपी बनाने में राजनीतिक दांव पेंच का मामला भी सामने आया है। बताया जाता है कि इलाके में अपनी पहचान रखने वाले राणा परिवार की साख को खराब करने के मामले में एक बड़ी साजिश तैयार की गई जिसका खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है।

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