बेंगलुरु। टारगेट न्यूज नेटवर्क
कर्नाटक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक सीएनआर राव के नाम को लेकर एक अजीब मामला सामने आया है। वोटर रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग में अंतर मिलने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया है। पुराने रिकॉर्ड में जहां उनका नाम ‘Prof CNR राव’ दर्ज है, वहीं नए रिकॉर्ड में इसे ‘Proff CNR राव’ लिखा गया है।
नोटिस में सीएनआर राव को मामले के निपटारे के लिए बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में निर्धारित सुनवाई में पेश होने को कहा गया है। हालांकि, राव के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। बताया गया कि नोटिस ऑनलाइन जारी किया गया है, लेकिन कार्यालय ने उसे अभी देखा नहीं है।
सीएनआर राव को विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए वर्ष 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
SIR के दौरान कई चर्चित नामों पर उठे सवाल
कर्नाटक में SIR की प्रक्रिया 17 अगस्त को पूरी हुई थी। इसके बाद 23 सितंबर तक मतदाता सूची को लेकर आपत्तियों और नोटिस पर सुनवाई होनी है। इसी प्रक्रिया के दौरान कई चर्चित हस्तियों के नाम को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं।
- राहुल द्रविड़: घर बदलने के बाद पुराने पते से नाम हट गया, लेकिन नए पते पर ट्रांसफर नहीं हो सका।
- प्रकाश राज: पते के सत्यापन के दौरान उन्हें ‘शिफ्टेड’ मानकर सूची से नाम हटाए जाने का मामला सामने आया।
- राम जेठमलानी: रोल अपडेट से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण नाम हटने की बात सामने आई।
- राघव चड्ढा: पते के सत्यापन के दौरान वोटर लिस्ट में तकनीकी आपत्ति दर्ज होने का मामला सामने आया।
CNR राव का लंबा वैज्ञानिक सफर
सीएनआर राव का जन्म 1934 में बेंगलुरु में हुआ था। उन्होंने केमिस्ट्री के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध किया है। सॉलिड-स्टेट मैटेरियल्स, नैनोमैटेरियल्स और स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री में उनका अहम योगदान माना जाता है।
उन्होंने 1976 में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में सॉलिड स्टेट एंड स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री यूनिट की स्थापना की। वह 1984 से 1994 तक IISc के निदेशक भी रहे। उनके नाम 1,600 से अधिक रिसर्च पेपर और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान दर्ज हैं।
16 राज्यों में SIR का तीसरा चरण
चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों तथा 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के तीसरे चरण की घोषणा की थी। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलनी है।
इस चरण में करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि अन्य राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव प्रस्तावित हैं।
फिलहाल सीएनआर राव के नाम को लेकर जारी नोटिस भी इसी SIR प्रक्रिया का हिस्सा है। मामले में सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिकॉर्ड में नाम की गड़बड़ी कैसे हुई और इसे किस तरह ठीक किया जाएगा।
















