Home International पाकिस्तान में 200 साल पुराने रामलीला मंदिर पर ताला, तोड़फोड़ से बवाल!

पाकिस्तान में 200 साल पुराने रामलीला मंदिर पर ताला, तोड़फोड़ से बवाल!

डेरा इस्माइल खान। टारगेट न्यूज नेटवर्क 

(200-year-old Ramlila temple in Pakistan locked; uproar follows acts of vandalism!) पाकिस्तान में करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक रामलीला मंदिर को गिराने की कोशिश के बाद विवाद बढ़ गया है। हिंदू समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच स्थानीय प्रशासन ने मंदिर को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया। यह मंदिर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान शहर के रहीम बाजार में स्थित है।

मंदिर तोड़ने पहुंचे मजदूर, लोगों ने रोका

अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर परिसर में व्यावसायिक प्लाजा बनाने के लिए तोड़फोड़ की कोशिश की गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर डेरा सिविल सोसायटी के अध्यक्ष सोहेल अहमद अजमी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और काम रुकवाया।

इसके बाद हिंदू समुदाय और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर मंदिर की संपत्ति के स्वामित्व, प्रस्तावित निर्माण की वैधता और तोड़फोड़ के प्रयास की जांच की मांग की। उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों से यह मामला पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में उठाने की अपील भी की।

सरकारी बोर्ड ने मंदिर को किया सील

रामलीला मंदिर को पाकिस्तान के इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने सांस्कृतिक विरासत के रूप में चिन्हित करीब 400 इमारतों में शामिल किया है। यह सरकारी निकाय विभाजन के बाद छोड़ी गई संपत्तियों और अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों का प्रबंधन करता है।

ऑल पाकिस्तान हिंदू राइट्स मूवमेंट के अध्यक्ष हारून सरब डायल ने उम्मीद जताई कि प्रांत में राज्यपाल शासन के दौरान हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने 2013 से 2026 के बीच धार्मिक संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे और बिक्री के मामलों की व्यापक जांच की मांग भी की।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। मानवाधिकार आयोग पाकिस्तान (HRCP) ने ETPB के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की सिफारिश की है।

आयोग की हालिया रिपोर्ट में हिंदू और ईसाई लड़कियों के अपहरण, जबरन विवाह और धर्मांतरण, रोजगार में भेदभाव तथा अल्पसंख्यकों की समस्याओं की अनदेखी जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।

अब जांच पर नजर: रामलीला मंदिर को सील किए जाने से फिलहाल तोड़फोड़ पर रोक लगी है। हालांकि, संपत्ति के स्वामित्व और प्रस्तावित व्यावसायिक निर्माण की वैधता से जुड़े सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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