भूकंप का केंद्र राजधानी पनामा सिटी से करीब 200 किलोमीटर दूर अजुएरो प्रायद्वीप के पास बताया गया। संभावित सुनामी के खतरे को देखते हुए कई देशों के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया था। हालांकि, बाद में कई क्षेत्रों से चेतावनी वापस ले ली गई।
चर्च का घंटाघर गिरा, सड़कों में दरारें
पनामा की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, वेरागुआस, हेरेरा और लॉस सैंटोस सहित कई प्रांतों में नुकसान हुआ। पेनोनोमे शहर में एक चर्च का घंटाघर गिर गया, जबकि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। वेरागुआस में सड़कों पर दरारें आने की भी खबर है।
अधिकारियों के मुताबिक, मलबे की चपेट में आने से भी लोग घायल हुए। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टीमें तैनात की गईं।
नौ देशों तक पहुंचा सुनामी का खतरा
भूकंप के बाद पनामा, कोस्टा रिका, अल सल्वाडोर, पेरू, मेक्सिको, ग्वाटेमाला, निकारागुआ, कोलंबिया और इक्वाडोर के तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी।
बाद में कई क्षेत्रों में खतरा कम होने पर अलर्ट वापस ले लिया गया। पनामा यूनिवर्सिटी के नेस्टर लुके के अनुसार, इस्ला कानास और लॉस सैंटोस के दक्षिणी तट पर 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका थी। इस्ला कानास में समुद्र का पानी कुछ घरों तक पहुंचने की सूचना भी मिली।
मेट्रो और एयरपोर्ट बंद, बिजली आपूर्ति प्रभावित
भूकंप के बाद सुरक्षा जांच के लिए राजधानी की दो मेट्रो लाइनें अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं। स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई, जबकि टोकुमेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ घंटों तक उड़ानें रोकी गईं। शुक्रवार दोपहर बाद हवाई सेवाएं फिर शुरू कर दी गईं।
भूकंप का असर छह प्रांतों में बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। हालांकि, पनामा नहर में जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी रही। नहर को संभावित नुकसान की जांच के लिए टीमें तैनात की गईं।
लगातार आफ्टरशॉक के बीच प्रशासन की निगरानी जारी है। लोगों को कमजोर इमारतों से दूर रहने और स्थानीय अधिकारियों के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।


















