नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(UPI Credit Line Set for Major Rule Change)भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था एक बार फिर बड़े बदलाव की दहलीज़ पर खड़ी है। देश को कैशलेस लेनदेन की ओर ले जाने वाला UPI अब सिर्फ भुगतान का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि छोटे कर्ज़ के क्षेत्र में भी गेमचेंजर साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में UPI से जुड़ी क्रेडिट लाइन व्यवस्था में ऐसे बदलाव प्रस्तावित हैं, जो सीधे तौर पर क्रेडिट कार्ड कंपनियों की चिंता बढ़ा सकते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, यदि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और बैंकों के बीच चल रही बातचीत सफल रहती है, तो UPI क्रेडिट लाइन के तहत लिए गए कर्ज़ पर भी क्रेडिट कार्ड की तरह ग्रेस पीरियड दिया जा सकता है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि तय समय-सीमा के भीतर भुगतान करने पर ग्राहकों को किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं देना पड़ेगा।
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अब तक UPI क्रेडिट लाइन की सबसे बड़ी कमी यह रही है कि रकम खर्च करते ही ब्याज लगना शुरू हो जाता था। अचानक छोटी जरूरतों के लिए लिए गए 2,000 से 5,000 रुपये पर भी तुरंत ब्याज का बोझ ग्राहकों को इस सुविधा से दूर रखता था। NPCI अब इसी समस्या को खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।
नई योजना के तहत “आज खर्च करें और बिल की तारीख से पहले भुगतान करें” जैसी सुविधा मिलने की संभावना है, जिससे बिना अतिरिक्त शुल्क के कर्ज़ चुकाया जा सकेगा। यह बदलाव खास तौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आ सकता है, जिनके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है या जिनका क्रेडिट स्कोर कम है।
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कुछ बैंकों ने इस दिशा में पहल भी शुरू कर दी है। यस बैंक ने 45 दिनों और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 30 दिनों की ब्याज-मुक्त अवधि के साथ UPI क्रेडिट लाइन की पेशकश की है। इससे साफ है कि बाजार इस मॉडल को लेकर गंभीर है।
RBI के विज़न के अनुसार, UPI क्रेडिट लाइन का उद्देश्य छोटे कारोबारियों और आम लोगों को आसान, डिजिटल और त्वरित कर्ज़ उपलब्ध कराना है। यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो UPI भारत में डिजिटल क्रेडिट का नया चेहरा बन सकता है।

















