नई दिल्ली । राजवीर दीक्षित
Extortion threats against Punjabi builders spread to Canada’s Vancouver कनाडा में पंजाबी कारोबारियों को मिल रही रंगदारी की धमकियों का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। पहले यह समस्या कनाडा के शहर सरे (Surrey) और ब्रैम्पटन (Brampton) तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन अब इसका असर वैंकूवर (Vancouver) तक पहुंच गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई पंजाबी बिल्डरों ने अपने निर्माण प्रोजेक्ट धीमे कर दिए हैं और सुरक्षा के डर से अपने फोन नंबर व प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड से हटाने की मांग कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैंकूवर में कई बिल्डरों ने अपने जॉब साइट के बोर्ड हटाने शुरू कर दिए हैं और इंटरनेट पर मौजूद अपनी जानकारी भी मिटा रहे हैं, ताकि अपराधियों की नजर उन पर न पड़े। कई बिल्डरों का कहना है कि वे लगातार डर के माहौल में काम कर रहे हैं और उन्हें अज्ञात कॉल के जरिए रंगदारी की धमकियां मिल रही हैं।
बिल्डरों का आरोप है कि शहर की पारदर्शिता नीति के कारण अपराधियों को आसानी से डेवलपर्स की जानकारी मिल जाती है। शहर की वेबसाइटों पर किसी भी डेवलपर का नाम, फोन नंबर और प्रोजेक्ट की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होती है, जिसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
वैंकूवर पुलिस विभाग ने भी इस मामले को गंभीर माना है और फिलहाल शहर में रंगदारी से जुड़े चार मामलों की जांच चल रही है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि असल पीड़ितों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है, क्योंकि कई लोग डर के कारण सामने नहीं आते।
इससे पहले सरे और ब्रैम्पटन में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2025 में सरे शहर में ही 132 रंगदारी के प्रयास दर्ज किए गए, जिनमें कई मामलों में घरों और कारोबारों पर गोलियां भी चलाई गईं। वहीं ब्रैम्पटन और पील क्षेत्र में हर साल लगभग 500 ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें ऐसी धमकियां मिलती हैं तो तुरंत अधिकारियों को सूचना दें, क्योंकि चुप्पी अपराधियों के हौसले को और बढ़ा सकती है।



















