चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
Ranjit Singh encounter issue raised in the Assembly. पंजाब के गुरदासपुर में कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए रणजीत सिंह का मामला अब पंजाब विधानसभा तक पहुंच गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि रणजीत सिंह के परिवार और पंजाब की जनता को असल हकीकत का पता चल सके।
परगट सिंह ने विधानसभा में कहा कि रणजीत सिंह की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कई गंभीर सवाल खड़े करती है। रिपोर्ट के मुताबिक रणजीत सिंह को दो गोलियां सामने से नीचे की ओर लगी थीं। इसके अलावा उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से चोट लगने के निशान भी पाए गए हैं। ऐसे में यह मामला संदेह के घेरे में आता है और इसकी गहराई से जांच होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठेंगे और लोगों का भरोसा कमजोर होगा। इसलिए जरूरी है कि सरकार इस मामले में एक स्वतंत्र जांच आयोग गठित करे ताकि सच्चाई सामने आ सके।
परगट सिंह ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर भी उठाया है। उन्होंने लिखा कि विपक्ष ने विधानसभा सत्र के पहले दिन भी पिछले कुछ महीनों में हुए कथित एनकाउंटर मामलों को लेकर सवाल उठाए थे और जांच आयोग बनाने की मांग की थी। अब रणजीत सिंह एनकाउंटर मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच करवाई जाए, ताकि पंजाब के लोगों के सामने सच्चाई आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



















