चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित
(Students Will Now Study AI and Technology in Schools ) देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और शिक्षा मंत्रालय ने मिलकर तीसरी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग का नया कोर्स शुरू किया है। इस पहल का मकसद बच्चों को शुरुआती स्तर से ही डिजिटल और टेक्नोलॉजी की दुनिया के लिए तैयार करना है।
इस नए पाठ्यक्रम के तहत बच्चों को आसान और एक्टिविटी-बेस्ड तरीके से AI की बेसिक जानकारी दी जाएगी। साथ ही शिक्षकों के लिए विशेष हैंडबुक और छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पढ़ाई को ज्यादा रोचक और प्रभावी बनाया जा सके।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बच्चों में तार्किक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और रचनात्मकता का विकास होगा। AI की शुरुआती समझ मिलने से वे भविष्य में टेक्नोलॉजी से जुड़े करियर विकल्पों के लिए तैयार हो सकेंगे। इसके अलावा उनकी डिजिटल साक्षरता भी मजबूत होगी।
स्कूलों को भी इस नई व्यवस्था के तहत कई बदलाव करने होंगे। शिक्षकों को AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। पढ़ाई को गतिविधि-आधारित बनाना होगा और डिजिटल संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी। खास बात यह है कि छात्रों का मूल्यांकन पारंपरिक परीक्षा की बजाय प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल के आधार पर किया जाएगा।



















