चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित
(Uproar over Himachal entry tax, demand for central intervention!) हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स को लेकर विवाद तेज हो गया है। Bharatiya Janata Party (पंजाब बीजेपी) ने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाया है। पार्टी के उपाध्यक्ष Subhash Sharma ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि Himachal Pradesh सरकार राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स वसूल रही है, जिसमें नेशनल हाईवे पर चलने वाले वाहन भी शामिल हैं। इससे आम यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, साथ ही पंजाब समेत पड़ोसी राज्यों के लोगों में भी नाराजगी बढ़ रही है।
डॉ. शर्मा ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग केंद्र सरकार के फंड से बनाए जाते हैं ताकि राज्यों के बीच सुचारू आवाजाही बनी रहे। ऐसे में इन सड़कों पर अतिरिक्त टैक्स लगाना इस उद्देश्य के खिलाफ है और यात्रियों पर दोहरी टैक्स व्यवस्था थोपता है।
उन्होंने संवैधानिक पहलुओं का हवाला देते हुए कहा कि यह टैक्स Article 301 के तहत व्यापार और आवागमन की स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ प्रतीत होता है। साथ ही Article 304(b) के तहत ऐसे प्रतिबंधों को उचित और राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होती है, जो इस मामले में सवालों के घेरे में है।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के ‘Jindal Stainless Ltd vs State of Haryana’ फैसले का जिक्र करते हुए कहा गया कि एंट्री टैक्स निष्पक्ष और सेवाओं के अनुपात में होना चाहिए, नहीं तो इसे असंवैधानिक माना जा सकता है।
बीजेपी ने केंद्र से मांग की है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर हिमाचल सरकार को यह टैक्स वापस लेने के निर्देश दिए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और राज्यों के बीच आवागमन सुचारू बना रहे।



















