नई दिल्ली | राजवीर दीक्षित
(EPFO goes high-tech: PF and pension will be received within minutes) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए बड़ी राहत की दिशा में कदम बढ़ाया है। ‘EPFO 3.0’ पहल के तहत अब पीएफ निकासी से लेकर पेंशन वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाया जा रहा है। इससे अब लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ज्यादातर काम घर बैठे ही पूरे हो सकेंगे।
सबसे बड़ा बदलाव ऑटो-सेटलमेंट सुविधा में किया गया है। पहले जहां ₹1 लाख तक के क्लेम ही ऑटोमेटिक प्रोसेस होते थे, वहीं अब इसकी सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है। इसका मतलब है कि पात्रता पूरी होने पर सॉफ्टवेयर खुद ही क्लेम को प्रोसेस कर कुछ ही समय में पैसा खाते में भेज देगा। फरवरी 2026 तक करोड़ों क्लेम इस सिस्टम के जरिए निपटाए जा चुके हैं।
नौकरी बदलने वालों के लिए भी बड़ी राहत है। अब पीएफ बैलेंस ट्रांसफर पूरी तरह ऑटोमेटिक हो गया है और इसके लिए पुराने या नए नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। इससे प्रक्रिया तेज और सरल हो गई है।
पेंशनभोगियों के लिए सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) लागू किया गया है, जिससे पेंशन वितरण पहले से ज्यादा तेज और पारदर्शी हो गया है। साथ ही, भविष्य में UPI के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा भी शुरू होने की तैयारी है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज दर को बरकरार रखा गया है, जो निवेशकों के लिए स्थिरता का संकेत है। इसके अलावा, ट्रस्टों के लिए एमनेस्टी स्कीम और नए नियमों से सिस्टम को और सरल बनाया जा रहा है।
कुल मिलाकर, EPFO का यह डिजिटल बदलाव कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।



















