कांगड़ा । राजवीर दीक्षित
यह भयावह दुर्घटना नेशनल हाईवे-503 पर ढलियारा स्थित राधा स्वामी सत्संग घर के पास करीब सवा 12 बजे हुई। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में कपूरथला (पंजाब) से आए 30 से अधिक श्रद्धालु सवार थे, जो चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन करने के बाद ज्वालाजी मंदिर की ओर जा रहे थे। लेकिन ढलियारा मोड़ पर पहुंचते ही ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरी खाई में जा गिरी।
ब्रेक फेल बना हादसे की वजह: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण ट्रैक्टर का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। जैसे ही चालक ने मोड़ पर नियंत्रण खोया, ट्रॉली सहित पूरा वाहन खाई में पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने बचाईं कई जिंदगियां: दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस टीम के साथ मिलकर उन्होंने घायलों को खाई से बाहर निकाला और तुरंत देहरा अस्पताल पहुंचाया। कई श्रद्धालुओं को हल्की चोटें आई हैं, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
एसपी देहरा मयंक चौधरी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में 35 से अधिक श्रद्धालु सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। राहत की बात यह रही कि कई लोग सुरक्षित बच गए।
कानून की अनदेखी बन रही जानलेवा: यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं होती, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऐसे वाहनों का इस्तेमाल कर धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की लापरवाही और भी खतरनाक साबित होती है। प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद नियमों की अनदेखी लगातार हादसों को न्योता दे रही है।
श्रद्धा की यात्रा बनी त्रासदी: कपूरथला से शुरू हुई यह आस्था की यात्रा कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। परिवारों में जहां दर्शन की खुशी थी, वहीं अब दर्द और शोक का माहौल है।
यह हादसा एक कड़वा सबक है कि श्रद्धा के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, वरना छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।



















