चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Mango Costlier Than Gold! Farmer from Odisha Grows the World’s Most Expensive Mango, Price Will Leave You Shocked”) ओडिशा के मलकानगिरी जिले के तमसा गांव के किसान देबा पदियामी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बने हुए हैं। वजह है उनके खेत में उगा दुर्लभ “मियाज़ाकी आम”, जिसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खास आम की कीमत करीब 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है। यह आम मूल रूप से जापान के मियाज़ाकी प्रांत से जुड़ा हुआ है और अपनी खास रंगत, मिठास और गुणवत्ता के कारण बेहद प्रसिद्ध है।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब चार साल पहले एक समाजसेवी ने देबा पदियामी को इस आम का पौधा दिया था। ओडिशा की जलवायु में लगातार मेहनत और देखभाल के बाद अब इस पेड़ पर फल लगने शुरू हुए हैं। किसान की यह उपलब्धि अब गांव और आसपास के क्षेत्रों में आकर्षण का केंद्र बन गई है। लोग दूर-दूर से इस दुर्लभ आम को देखने पहुंच रहे हैं।
हालांकि इस महंगे आम के साथ किसान की चिंता भी बढ़ गई है। देबा पदियामी का कहना है कि वे इन दिनों रात में पेड़ के पास ही सोते हैं ताकि कोई फल चोरी न कर ले। मियाज़ाकी आम को जापान में “एग ऑफ द सन” कहा जाता है। इसका रंग गहरा लाल-जामुनी होता है और इसका स्वाद बेहद मीठा और मुलायम माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के प्रीमियम फलों की ऊंची कीमत पाने के लिए गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और एक्सपोर्ट मानकों का पालन जरूरी होता है। फिलहाल किसान के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसकी सही मार्केटिंग और खरीदारों तक पहुंच बनाना है। लोगों का मानना है कि अगर सरकार और कृषि विभाग का सहयोग मिले तो यह दुर्लभ आम किसानों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकता है।



















