चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Have you ever wondered what happens to an Aadhaar card after death? Unique Identification Authority of India has issued guidelines.”) अगर परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो उनका आधार नंबर निष्क्रिय (Deactivate) करना बेहद जरूरी माना जाता है। Unique Identification Authority of India ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि मृत व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल रोका जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, मृत्यु के बाद आधार का दुरुपयोग होने का खतरा बढ़ जाता है, जैसे फर्जी सब्सिडी लेना, पेंशन निकालना या बैंक खातों से धोखाधड़ी करना।
इसीलिए UIDAI ने एक आसान और पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया शुरू की है, जिससे परिवार के सदस्य घर बैठे यह काम कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले “My Aadhaar” पोर्टल पर लॉगिन करना होता है। लॉगिन के दौरान आधार नंबर और OTP के जरिए पहचान सत्यापित की जाती है। इसके बाद सर्विस सेक्शन में जाकर “Report Death of a Family Member” विकल्प चुनना होता है।
अगले चरण में मृत व्यक्ति से जुड़ी जरूरी जानकारी भरनी होती है और फिर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP के माध्यम से प्रक्रिया को कन्फर्म किया जाता है। अनुरोध सबमिट करने के कुछ समय बाद आधार नंबर निष्क्रिय कर दिया जाता है। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी तरह के फिजिकल दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ती।
UIDAI ने सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को जागरूक किया है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। इससे न केवल धोखाधड़ी पर रोक लगती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
इसलिए अगर आपके परिवार में ऐसी कोई स्थिति आती है, तो समय रहते आधार को डिएक्टिवेट करना एक जिम्मेदार और जरूरी कदम है, जो भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा सकता है।



















