चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Golgappa lovers, be cautious! Dozens of people have fallen ill, one has died. “) Giridih के बजटो गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने स्ट्रीट फूड की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। शनिवार शाम गोलगप्पे खाने के बाद 45 से ज्यादा लोग अचानक बीमार पड़ गए, जिनमें ज्यादातर छोटे बच्चे शामिल थे। सभी को तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। इस घटना ने उस समय और भी दर्दनाक मोड़ ले लिया, जब इलाज के दौरान 6 साल के एक मासूम की मौत हो गई।
यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। गर्मियों के मौसम में लोकप्रिय स्ट्रीट फूड Golgappa यानी पानी पुरी कई बार गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन सकता है। सबसे बड़ी वजह होती है साफ-सफाई की कमी और दूषित पानी। अक्सर गोलगप्पों का पानी खुले में रखा जाता है, जहां बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे मामलों में Food Poisoning का खतरा बढ़ जाता है। दूषित पानी में ई.कोलाई और साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो शरीर में संक्रमण फैलाते हैं और स्थिति गंभीर बना देते हैं।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी गोलगप्पा विक्रेता ओभीलाल रजक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल भेज दिया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर गोलगप्पे के पानी या सामग्री में कौन-सा जहरीला तत्व मौजूद था।
यह घटना हर किसी के लिए एक सबक है कि स्वाद के साथ-साथ सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। खासकर गर्मियों में बाहर का खाना खाते समय साफ-सफाई और गुणवत्ता को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।



















