चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“The right direction of a wall clock can change your destiny; just know these special Vastu rules. “) Vastu Shastra के अनुसार घर में रखी हर वस्तु हमारे जीवन, सोच और तरक्की पर गहरा प्रभाव डालती है। अक्सर लोग सजावट करते समय छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन दीवार पर लगी घड़ी केवल समय बताने का साधन नहीं होती, बल्कि यह आपके जीवन की ऊर्जा और प्रगति का प्रतीक भी मानी जाती है। अगर घड़ी सही दिशा में न हो, तो यह मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों का कारण बन सकती है।
वास्तु के अनुसार घड़ी लगाने की सही दिशा उत्तर और पूर्व मानी जाती है। इन दिशाओं को वृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है, इसलिए घर की तरक्की के लिए घड़ी हमेशा इन्हीं दिशाओं में लगानी चाहिए। वहीं दक्षिण दिशा में घड़ी लगाना अशुभ माना जाता है, जिससे प्रगति में बाधाएं आ सकती हैं और घर के मुखिया की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।
घर में कभी भी बंद घड़ी नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि यह ठहराव और नकारात्मक ऊर्जा का संकेत देती है। इसके अलावा घड़ी पर धूल जमा होना या गलत समय दिखाना भी नुकसानदायक माना जाता है। समय का सही होना जीवन में संतुलन और सफलता से जुड़ा होता है।
घड़ी के आकार और स्थान का भी विशेष महत्व होता है। पेंडुलम वाली घड़ी को शुभ माना जाता है, जो निरंतर प्रगति का संकेत देती है। घर के हॉल में चौकोर और बेडरूम में गोल घड़ी लगाना अच्छा माना जाता है, जिससे घर में शांति और प्यार बना रहता है। दरवाजे के ऊपर घड़ी लगाना या तकिए के नीचे रखना वास्तु के अनुसार गलत माना गया है।
रंगों की बात करें तो घर में हरे और संतरी रंग की घड़ी लगाने से बचना चाहिए, जबकि दुकानों में काले और गहरे नीले रंग की घड़ी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। सकारात्मक ऊर्जा के लिए मधुर ध्वनि देने वाली घड़ी लगाना लाभदायक माना जाता है।
इन आसान नियमों को अपनाकर आप अपने घर में सुख-शांति और तरक्की ला सकते हैं।



















