चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Government gets strict on those having both LPG and PNG connections, new rules implemented “) केंद्र सरकार ने घरेलू गैस कनेक्शनों को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है, जिसका सीधा असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। सरकार अब उन घरों की पहचान कर रही है, जिनके पास एलपीजी (सिलेंडर) और पीएनजी (पाइप गैस) दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य दोहरे कनेक्शनों के दुरुपयोग को रोकना और सब्सिडी सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें अब नया एलपीजी कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने की अनुमति भी नहीं होगी। 14 मार्च को जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि दोहरे कनेक्शन रखने वालों को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से देश में पीएनजी नेटवर्क को बढ़ावा मिलेगा और एलपीजी पर बढ़ता दबाव कम होगा। दरअसल, भारत अपनी जरूरत का करीब 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी आयात करता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में आ रही बाधाओं और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते सरकार यह कदम उठाने को मजबूर हुई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, अब तक 43,000 से ज्यादा उपभोक्ता अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं। सरकार का यह भी कहना है कि नई व्यवस्था का फायदा उन परिवारों को मिलेगा, जिनके पास अभी तक पाइप गैस की सुविधा नहीं है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और इंडस्ट्रियल यूनिट्स के लिए भी गैस सप्लाई को सीमित किया गया है, जिससे आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।



















