चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Challans will be issued to owners of these buildings in Punjab, officials directed to take action “) पंजाब में अवैध निर्माण पर लगाम कसने के लिए सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब बिना नक्शा पास कराए बनाई जा रही इमारतों पर मैनुअल नहीं बल्कि ऑनलाइन सिस्टम के जरिए चालान जारी किए जाएंगे। लोकल बॉडीज विभाग के टाउन प्लानिंग विंग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं और इस नई व्यवस्था को ‘ई-बिल्डिंग वायलेशन मैनेजमेंट सिस्टम’ नाम दिया गया है। इस फैसले से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।
नई व्यवस्था के तहत नगर निगमों के कर्मचारियों से मैनुअल चालान बुक वापस लेकर रिकॉर्ड में जमा कराई जाएंगी और उनकी जगह डिजिटल मशीनें दी जाएंगी, जिनके जरिए मौके पर ही चालान काटा जाएगा। नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बिना नक्शा पास कराए निर्माण करता है तो फाउंडेशन लेवल पर ही पंजाब म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट की धारा 269 और 270 के तहत चालान जारी किया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे निर्माण को रेगुलर करने के लिए भारी फीस वसूली जाएगी, जबकि नॉन-कंपाउंडेबल बिल्डिंग्स को सील या तोड़ा भी जा सकता है।
दरअसल, मैनुअल सिस्टम में कई खामियां सामने आई थीं, जहां इंस्पेक्टर अधूरी जानकारी दर्ज करते थे, जिससे कई चालान ‘अन-ट्रेस’ कैटेगरी में चले जाते थे और सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता था। अब नए ऑनलाइन सिस्टम में फोटो, लोकेशन और पूरी डिटेल अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
इस योजना को पहले चरण में लुधियाना, पटियाला, मोहाली, जीरकपुर, खरड़, बनूड़, डेराबस्सी, लालड़ू, नया गांव और कुराली जैसे शहरों में लागू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस कदम से अवैध निर्माण पर सख्ती से नियंत्रण होगा और राजस्व में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।



















