चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Even Z+ level security fails, ‘chick’ goes missing despite high security”) गुजरात के कच्छ जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां देश के सबसे दुर्लभ पक्षियों में से एक Great Indian Bustard (घोराड़) के संरक्षण प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। ‘जंप स्टार्ट’ तकनीक के जरिए पैदा हुआ एक चूजा अचानक लापता हो गया है, जबकि उसकी सुरक्षा के लिए Z+ जैसी सख्त व्यवस्था की गई थी। इस घटना ने पूरे सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इस चूजे को आखिरी बार 16 अप्रैल के आसपास गुजरात के नलिया ग्रासलैंड में देखा गया था। इसके बाद से वह गायब है और लगातार सर्च ऑपरेशन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। Wildlife Institute of India और वन विभाग की टीमें लगातार तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस चूजे की सुरक्षा के लिए करीब 50 से ज्यादा गार्ड तैनात थे, 24 घंटे निगरानी की जा रही थी, वॉच टावर बनाए गए थे और पूरे इलाके में एंट्री को सीमित कर दिया गया था। इसके बावजूद चूजे का गायब होना किसी बड़े खतरे की ओर इशारा करता है। आशंका जताई जा रही है कि वह किसी जंगली शिकारी जैसे लोमड़ी, मॉनिटर लिजर्ड या शिकारी पक्षी का शिकार हो गया होगा।
घोराड़ एक ऐसा पक्षी है जो जमीन पर घोंसला बनाता है, जिससे इसके अंडे और चूजे बेहद असुरक्षित रहते हैं। आंकड़ों के अनुसार, केवल 40% अंडों से ही चूजे निकलते हैं और उनमें से भी सिर्फ 60% ही शुरुआती दो महीने जीवित रह पाते हैं। गुजरात में इस प्रजाति की स्थिति पहले से ही बेहद नाजुक है, जहां अब सिर्फ तीन मादा ही बची हैं।
हालांकि इस घटना के बाद भी वन विभाग ने साफ किया है कि ‘जंप स्टार्ट’ प्रोजेक्ट जारी रहेगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और इस दुर्लभ प्रजाति को बचाया जा सके।



















