रूपनगर । राजवीर दीक्षित
(“A big announcement has been made for May 2 in Punjab! It will take place on the Kiratpur Sahib–Manali Highway”) हिमाचल प्रदेश में लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में किसानों और विभिन्न संगठनों का संघर्ष अब और तेज़ होता जा रहा है। इस आंदोलन ने एक बड़े रूप की तैयारी कर ली है, जिसके तहत 2 मई को कीरतपुर साहिब–मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित मोड़ा टोल प्लाज़ा को हिमाचल जाने वाली गाड़ियों के लिए फ्री करने का ऐलान किया गया है। इस आंदोलन को “हल्ला बोल संघर्ष” का नाम दिया गया है, जो पंजाबियों के जोश और विरोध की भावना को दर्शाता है।
किरती किसान मोर्चा की अगुवाई में हुई एक बड़ी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस संघर्ष को पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखा जाएगा। किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता को मंच से बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, हालांकि वे धरने में शामिल हो सकते हैं। साथ ही प्रशासन से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय अनुशासन समिति का गठन भी किया गया है, ताकि आंदोलन संगठित और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सके।
संघर्ष समिति का मानना है कि एक ही नेशनल हाईवे पर दो-दो टोल लगाना पूरी तरह गलत और जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। इसी के विरोध में यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसके अलावा, पंजाब और हिमाचल के बीच मौजूद 33 एंट्री पॉइंट्स को लेकर भी आगे की रणनीति 2 मई की शाम को मौके पर ही तय की जाएगी।
किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया है, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिले। नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो संघर्ष को और व्यापक किया जाएगा।
यह आंदोलन अब दोनों राज्यों की सरकारों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है और आने वाले दिनों में इसका असर और भी बड़ा हो सकता है।



















