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जत्थेदार गड़गज ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, कानून में सुधार करो नहीं तो…

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(“Jathedar Gargaj gives a 15-day ultimatum, amend the law or else… “) Akal Takht के जत्थेदार Giani Kuldeep Singh Gargaj ने पंजाब सरकार को बड़ा अल्टीमेटम दे दिया है। आज उन्होंने Kultar Singh Sandhwan को तलब कर ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट’ की कुछ धाराओं पर कड़ी आपत्ति जताई। जत्थेदार ने साफ कहा कि सरकार 15 दिनों के भीतर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विवादित धाराओं को वापस ले या उनमें संशोधन करे, नहीं तो श्री अकाल तख्त साहिब और पांच सिंह साहिबानों की बैठक बुलाकर अगला बड़ा फैसला लिया जाएगा।

बैठक के दौरान जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि सरकार को सिख पंथ और धार्मिक मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून बनाते समय न तो श्री अकाल तख्त साहिब से राय ली गई, न ही Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) को मसौदा भेजा गया। यहां तक कि कानून की प्रति पंजाबी भाषा में भी उपलब्ध नहीं करवाई गई।

जत्थेदार ने ऑनलाइन पावन स्वरूपों की जानकारी अपलोड करने पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे बेअदबी की घटनाएं बढ़ने का खतरा है। अकाल तख्त साहिब की ओर से SGPC को निर्देश जारी किए जाएंगे कि कोई भी कर्मचारी, अधिकारी या गुरुद्वारा प्रबंधक पावन स्वरूपों की जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक न करे। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह तय नहीं कर सकती कि सिख रहित मर्यादा का पालन हो रहा है या नहीं, क्योंकि यह पूरी तरह अकाल तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र का मामला है। जत्थेदार ने कानून में इस्तेमाल किए गए शब्द “दुरुपयोग” पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की “दुरुपयोग” जैसी शब्दावली बेहद आपत्तिजनक है।

अब इस पूरे मुद्दे ने पंजाब की राजनीति और धार्मिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में मामला और गरमा सकता है।

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