चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Petrol and diesel prices increased, check the new rates before getting your tank filled”) मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर दिखाई देने लगा है। 15 मई की सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा कर जनता को झटका दे दिया। देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल ₹3 से ₹3.60 प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला लोगों की चिंता और बढ़ा रहा है।
नई कीमतों के बाद अब रोजमर्रा का सफर करना भी महंगा पड़ने वाला है। निजी वाहन चलाने वालों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबार तक, हर सेक्टर पर इसका असर देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सब्जियों, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि परिवहन लागत सीधे तौर पर बढ़ जाएगी।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर अस्थिर हालात के चलते कच्चे तेल की कीमतों में अभी और उछाल देखने को मिल सकता है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती हैं।
सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार और तेल कंपनियों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे आम जनता पर महंगाई का नया हमला बताया है। वहीं विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहत देने की मांग की है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार जनता को राहत देने के लिए टैक्स में कटौती जैसे बड़े फैसले लेती है या नहीं। फिलहाल बढ़ती तेल कीमतों ने हर घर का बजट बिगाड़ दिया है और आम आदमी की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।



















